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टीएस सिंहदेव ने पेंड्री में बने नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज अस्पताल का किया निरीक्षण, इधर स्वास्थ्य संबधी चली बैठक में मुख्य बिंदुओं पर हुई चर्चा

बंसत शर्मा@राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव एक दिवसीय प्रवास पर आज राजनांदगांव पहुंचे। मंत्री सिंहदेव आज एक निजी स्कूल के वार्षिक उत्सव समारोह में शामिल होने के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन की बैठक ली। बैठक में मुख्य रूप से कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन, मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य […]

टीएस सिंहदेव ने पेंड्री में बने नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज अस्पताल का किया निरीक्षण, इधर स्वास्थ्य संबधी चली बैठक में मुख्य बिंदुओं पर हुई चर्चा

बंसत शर्मा@राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव एक दिवसीय प्रवास पर आज राजनांदगांव पहुंचे। मंत्री सिंहदेव आज एक निजी स्कूल के वार्षिक उत्सव समारोह में शामिल होने के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन की बैठक ली। बैठक में मुख्य रूप से कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन, मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी मिथिलेश चौधरी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव दोपहर 2 बजे के आसपास शहर की एक निजी स्कूल के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। तत्पश्चात वे स्थानीय कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद पेंड्री में बने नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य संबंधी विषयों को लेकर बैठक भी ली । बैठक लगभग 3 घंटे तक चली। जिस पर मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गई एवं सुझाव लिए गए।
मंत्री सिंहदेव ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल को शिफ्ट करने के लिए जल्द से जल्द कार्य करने के आदेश दिए उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जो आवश्यक सुविधाएं हैं उन्हें पहले पूरा किया जाए और जो भी यूनिट पहले ला सके उन्हें पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिफ्ट किया जाए जैसे पैथोलॉजी लैब को यहां शिफ्ट किया जा सकता है और अस्पताल से सैंपल लेकर यहां टेस्ट कर रिपोर्ट सौंपी जा सकती है।

मंत्री टीएस सिंहदेव ने बैठक पश्चात पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहां की मेडिकल कॉलेज अस्पताल 1 अप्रैल नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल को जो भी आवश्यक सुविधाएं होंगी वह पूरी की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को भी जल्द पूरा किया जाएगा । पहली प्राथमिकता यह होगी कि मरीजों को अच्छा से अच्छा उपचार मिल सके और उनका बेहतर इलाज हो सके। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि मोतियाबिंद ऑपरेशन का इलाज प्राइवेट सेक्टर में बंद करने का एक मुख्य कारण यह था कि जो इंश्योरेंस कंपनियां हैं, वह प्राइवेट सेक्टर को ज्यादा फायदा पहुंचा रही थी और सरकारी अस्पतालों में कम रेवेन्यू आ रहे थे।

जिसके कारण सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की भर्ती से लेकर अन्य उपकरणों की खरीदी में काफी दिक्कतें हो रही थी इसी के चलते यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी छत्तीसगढ़ में छह मेडिकल कॉलेज अस्पताल हैं और 3 मेडिकल कालेज अस्पताल और तैयार के जाएंगे जो कांकेर, महासमुंद और कोरबा में होंगे जिसकी पहल जारी है जल्दी यहां भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सुविधा मिल मिलेगी।