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बस्तर के आदिवासियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने नहीं दिया जाएगा: विक्रम शाह मंडावी

विहान/बस्तर. किरंदुल के डिपॉज़िट नम्बर तेरह के लौह आयस्क खनन हेतु फ़र्ज़ी तरीक़े से अदानी ग्रूप को हस्तांतरित किया गया. भाजपा के पिछली सरकार ने पाँचवी अनुसूचित क्षेत्र को संविधान द्वारा मिले विशेष अधिकारों को दरकीनार करते हुए एक निजी कम्पनी को पैदा पहुँचाने के उद्देश्य से आदिवासियों के जल जंगल ज़मीन को योजनाबद्ध तरीक़े […]

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विहान/बस्तर. किरंदुल के डिपॉज़िट नम्बर तेरह के लौह आयस्क खनन हेतु फ़र्ज़ी तरीक़े से अदानी ग्रूप को हस्तांतरित किया गया. भाजपा के पिछली सरकार ने पाँचवी अनुसूचित क्षेत्र को संविधान द्वारा मिले विशेष अधिकारों को दरकीनार करते हुए एक निजी कम्पनी को पैदा पहुँचाने के उद्देश्य से आदिवासियों के जल जंगल ज़मीन को योजनाबद्ध तरीक़े से तहस नहस करने का खाखा तैयार कर लिया गया था.

जिसके विरोध में पिछले दो दिनो से बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के पच्चीस हज़ार से अधिक आदिवासी आंदोलनरत है इस आंदोलन के समर्थन में बीजापुर विधायक और बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक विक्रम शाह मंडावी किरंदुल पहुँचे.

यहाँ मंडावी ने लौह आयस्क खनन के विरोध में संघर्षरत आदिवासियों से वादा किया कि किसी भी हाल में हिरोली स्थित पिटोम मेटा पहाड़ जिसमें की सम्पूर्ण बीजापुर दंतेवाड़ा और सुकमा के आदिवासियों के देव स्थल है, पर किसी भी कम्पनी को खनन करने नही दिया जाएगा.

मंडावी ने अपने देव स्थल को बचाने के लिए आंदोलनरत आदिवासियों से कहा कि इस मसले पर प्रदेश और केंद्र की सरकार से बात करेंगे. यदि केंद्र और राज्य सरकार इनकी बात नही सुनती है तो वे आपने ही सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने के लिए तैयार हो जाएँगे मंडावी ने आगे कहा कि किसी भी हाल में बस्तर के आदिवासियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचने नही दिया जाएगा।