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प्रदेश में 14 लाख 70 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण, बस्तर वृत्त में संग्रहण का काम पूर्णता की ओर

रायपुर. प्रदेश में इस वर्ष 16 लाख 72 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता के संग्रहण के लक्ष्य के विरूद्ध अभी तक करीब 14 लाख 70 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया जा चुका है। बस्तर वृत्त में तेन्दूपत्ता संग्रहण का काम पूर्णता की ओर है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक […]

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रायपुर. प्रदेश में इस वर्ष 16 लाख 72 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता के संग्रहण के लक्ष्य के विरूद्ध अभी तक करीब 14 लाख 70 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया जा चुका है। बस्तर वृत्त में तेन्दूपत्ता संग्रहण का काम पूर्णता की ओर है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक दर ढाई हजार रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रूपए की है। इससे तेन्दूपत्ता संग्राहकों में उल्लास का वातावरण है। संग्राहकों को पारिश्रमिक की राशि प्रदान करने के लिए भी वन विभाग ने पर्याप्त राशि की व्यवस्था हैं। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक की राशि शीघ्र उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।

जगदलपुर वन वृत्त में संग्रहित मात्रा के संग्रहण पारिश्रमिक राशि रूपए 86 करोड़ 14 लाख 80 हजार 156 रूपए का भुगतान किया जाना है, जिसके विरूद्ध 80 करोड़ 3 लाख 36 हजार 436 रूपए की राशि यहां के चार जिला यूनियनों के समितियों के बैंक खाते में हस्तांतरित की जा चुकी है। समितियों के द्वारा संग्राहकों को लगातार भुगतान का कार्य किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकरियों के अनुसार 29 मई 2019 तक 4 करोड़ 24 लाख 6 हजार 551 रूपए का संग्रहण पारिश्रमिक भुगतान भी किया जा चुका है। सुकमा जिला युनियन द्वारा 54 लाख 87 हजार 633 रूपए, दंतेवाड़ा जिला यूनियन द्वारा 69 लाख 25 हजार 724 रूपए, बीजापुर जिला यूनियन द्वारा 71 लाख 66 हजार 940 रूपए का भुगतान संग्राहकों को किया जा चुका है।

जिला यूनियन बस्तर एवं जिला यूनियन दंतेवाड़ा समिति क्षेत्रों में भुगतान हेतु बैंकों में पर्याप्त राशि उपलब्ध है। सुकमा एवं बीजापुर जिले के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाईड लाईन के अनुसार बैंक की क्षमता सीमित होने के कारण भुगतान में कुछ विलंब हो रहा है। इन जिलों के बैंकों के चेस्ट/तिजोरी और नगद राशि रखने की क्षमता कम रहती है। इसे देखते हुए कलेक्टर बीजापुर एवं सुकमा द्वारा नगद भुगतान की अनुमति प्रदान की गई है। इससे करीब दो सप्ताह में भुगतान की समस्या दूर हो जाएगी। भुगतान की अतिरिक्त व्यवस्था करते हुए पंजाब नेशनल बैंक शाखा सुकमा द्वारा रूपए पचास लाख प्रति दिन देने की सहमति भी प्रदाय की गई है।