Home जिले road accident: नांदघाट टेमरी नेशनल हाईवे पर प्रवासी मजदूरों से भरी बस...

road accident: नांदघाट टेमरी नेशनल हाईवे पर प्रवासी मजदूरों से भरी बस ट्रेलर से टकराई, 3 श्रमिकों की मौत

बेमेतरा। नांदघाट टेमरी नेशनल हाईवे पर ट्रेलर और बस की (road accident) जबरदस्त भिड़ंत हुई है। इस दर्दनाक हादसे में 3 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर एसपी व एसडीएम मौके पर पहुंचे। प्रवासी मजदूर (road accident)महाराष्ट्र के पुणे से झारखण्ड जाने के लिए बस से निकले थे। ने […]

road accident
road accident

बेमेतरा। नांदघाट टेमरी नेशनल हाईवे पर ट्रेलर और बस की (road accident) जबरदस्त भिड़ंत हुई है। इस दर्दनाक हादसे में 3 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर एसपी व एसडीएम मौके पर पहुंचे। प्रवासी मजदूर (road accident)महाराष्ट्र के पुणे से झारखण्ड जाने के लिए बस से निकले थे। ने

जानकारी के मुताबिक घटना आज सुबह 10 बजे के करीब की बताई जा रही है। 40 प्रवासी मजदूरों को लेकर बस बिलासपुर स्टेशन जा रही थी। हादसे में बस का सामने (road accident) का हिस्सा ट्रेलर के पीछे भाग से टकरा गया। हादसे के वक्त रोड पर एक और ट्रेलर खड़ा था।  हादसे में बस के सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

  Amphan cyclone: अम्फान का ‘असर’.कोलकाता एयरपोर्ट पर मचाई जमकर तबाही, 12 लोगों की गई जान .

हादसे के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, और इसकी तत्काल जानकारी पुलिस प्रशासन को दी। जिसके बाद बेमेतरा एसपी व एसडीएम मौके पर पहुंचे।

Meeting: मंत्री ताम्रध्वज साहू ने अधिकारियों के साथ की बैठक, दिए ये आवश्यक निर्देश 

प्रशासन की और ग्रामीणों का सहायता से बस में सवार लोगों को बाहर निकाला गया।  हादसे में घायल मरीजों को 108 की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया है।बताया जा रहा है कि नेशनल हाईवे में रास्ता वनवे होने के कारण हादसा हुआ है।

Vikas Upadhyay: शीतला मंदिर के आसपास के क्षेत्र में शुरू होंगे ये निर्माण कार्य, विधायक ने पूजा-पाठ कर किया शुभारंभ

गौरतलब है कि देश में 25 मार्च से लॉकडाउन हैं। जिसकी वजह से सभी व्यापार,धंधे और फैक्ट्रियां बंद है। जिससे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

मजबूर मजदूर अपने घरों की ओर पलायन करने लगे। पैदल ही कई मजदूरों ने कई सौ किलोमीटर की दूरी तय कर ली। लेकिन कई बीच में हादसे के शिकार हो गए। डेढ़ महीने के भीतर पांच सौ से अधिक मजदूरों की जान सड़क हादसे में गई हैै।