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आरक्षण को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं ने ली हाईकोर्ट की शरण… आरक्षण की सीमा को 50 फीसदी करने की मांग की…

उपेंद्र त्रिपाठी@बिलासपुर. सरकार द्वारा आरक्षण की सीमा 82% तक बढ़ाये जाने का विवाद फिलहाल थमता नहीं दिख रहा। सरकार के इस निर्णया को सामान्य वर्ग के युवाओं ने हाइकोर्ट में चुनौती दी है। शुक्रवार को याचिकाकर्ता पुनेश्वर नाथ मिश्रा, पुष्पादेवी, संजय तिवारी, शुभम शुक्ला, स्नेहिल दुबे और सौरभ सिंह ने उच्च न्यायालय अधिवक्ता रोहित शर्मा […]

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आरक्षण को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं ने ली हाईकोर्ट की शरण... आरक्षण की सीमा को 50 फीसदी करने की मांग की...

उपेंद्र त्रिपाठी@बिलासपुर. सरकार द्वारा आरक्षण की सीमा 82% तक बढ़ाये जाने का विवाद फिलहाल थमता नहीं दिख रहा। सरकार के इस निर्णया को सामान्य वर्ग के युवाओं ने हाइकोर्ट में चुनौती दी है। शुक्रवार को याचिकाकर्ता पुनेश्वर नाथ मिश्रा, पुष्पादेवी, संजय तिवारी, शुभम शुक्ला, स्नेहिल दुबे और सौरभ सिंह ने उच्च न्यायालय अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से रिट पिटिशन सिविल दायर की गई।

याचिकाकर्ताओं ने उक्त याचिका के माध्यम से अध्यादेश को निरस्त किए जाने, आरक्षण की सीमा को 50 प्रतिशत के भीतर पुरःस्थापित करने तथा आरक्षण की परिधि से बाहर स्थापित वर्ग के सम्बंध में उनकी स्तिथि-परिस्तिथि के आकलन के लिए सवर्ण आयोग के गठन के लिए राज्य शासन को निर्देशन की मांग की गई है।

याचिकाकर्ताओं ने बताया कि आरक्षण को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने यह निर्णय लिया है। पूरे प्रदेश में सभी जिलों में सरकार के खिलाफ अनारक्षित वर्ग एक होकर आवाज उठा रहे हैं। इस निर्णय का विभिन्न तरीकों से विरोध किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने बताया कि ज्ञापन देने हजारों की संख्या में अनारक्षित वर्ग के लोग एकत्रित हो रहे हैं, वहीं प्रतीकात्मक रूप से झाड़ू लगाने का काम किया गया और इसके अलावा प्रतीकात्मक अंकसूची जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। अब न्यायालय में सरकार के आदेश के खिलाफ अनेक पीटिशन दायर हो रहे हैं।