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नक्सलियों का था मददगार …अब ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे….पढ़िए

बसंत शर्मा@ राजनांदगांव । नक्सलियों को रुपए सामान एवं राशन पानी उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार को गत दिनों कांकेर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण सामान भी बरामद किया था। बरामद सामान में वाहन, नक्सलियों को सप्लाई किए गई वर्दी, राशन एवं अन्य सामान गिरफ्तार किया था । सूत्रों […]

बसंत शर्मा@ राजनांदगांव । नक्सलियों को रुपए सामान एवं राशन पानी उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार को गत दिनों कांकेर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण सामान भी बरामद किया था। बरामद सामान में वाहन, नक्सलियों को सप्लाई किए गई वर्दी, राशन एवं अन्य सामान गिरफ्तार किया था । सूत्रों की मानें तो इस मामले में नक्सलियों को सामान एवं अन्य उपयोगी वस्तु उपलब्ध कराने वाला राजनांदगांव का एक बड़ा और पेटी ठेकेदार बताया जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पेटी ठेकेदार राजनांदगांव मैं बड़ा कंस्ट्रक्शन मालिक के नाम से जाना जाता है। जो लंबे समय से स्वयं की फर्म से गुड नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेधड़क रोड निर्माण सहित अन्य काम करता है। इससे साफ जाहिर हो रहा था कि इस ठेकेदार का नेटवर्क नक्सलियों से है और नक्सलियों के संरक्षण पर ही जंगल में बेधड़क काम कर रहा था। सूत्र बताते हैं कि या ठेकेदार लंबे समय से नक्सलियों को समय-समय पर पैसे राशन सब्जी वर्दी की फंडिंग का काम कर रहा था।
नक्सलियों का मददगार पुलिस गिरफ्त में

पुलिस को जब पता चला की तापस नाम का व्यक्ति नक्सलियों को मदद करता है तो पुलिस ने पहले कांकेर में घेराबंदी करते हुए तापस को पकड़ा और उससे कड़ी पूछताछ की तो उसने बताया कि इन सब के पीछे राजनांदगांव के एक ठेकेदार का हाथ है जो नक्सलियों को मदद करता है।
दयाशंकर चढ़ा पुलिस के हत्थे

तापस की निशानदेही पर कांकेर पुलिस ने कल राजनांदगांव में अपनी दस्तक दी और नक्सलियों को सामान सप्लाई करने सहित नक्सलियों को रुपयों की फंडिंग करने वाले दयाशंकर को कमला कॉलेज के सामने स्थित निवास से गिरफ्तार किया और पूछताछ के लिए कांकेर ले गई है।
दयाशंकर करेगा कई खुलासे

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दयाशंकर नक्सलियों का एक बड़ा मददगार था और राजनांदगांव में रहते हुए वह नक्सली गढ़ कांकेर, सुकमा, नारायणपुर, औंधी, मानपुर, मोहला आदि नक्सली जगहों पर धड़ल्ले से ठेकेदारी कर रहा था। दयाशंकर एक ऐसा व्यक्ति है जो बता सकता है कि राजनांदगांव में और कौन-कौन ठेकेदार हैं जो नक्सलियों की मदद करते हैं।
दयाशंकर का आका कौन

सूत्रों की मानें तो दयाशंकर तो एक छोटी मछली था जो नक्सलियों और बड़े ठेकेदारों के बीच सामंजस्य बैठता था नक्सलियों को जब रुपयों की जरूरत होती थी तो वह ऑनलाइन बैंक ट्रांजैक्शन कर पैसा भेजता था दयाशंकर से कड़ाई से पूछताछ हुई तो कई बड़े मगरमच्छ के नाम भी सामने आएंगे।