छत्तीसगढ़सरगुजा-अंबिकापुर

रेलवे लाइन का सर्वे करने वाली कंपनी ने खेला ऐसा खेल…विस्तार सपना बनकर ही रह गया

शिव शंकर साहनी@अम्बिकापुर. जिले से रेनुकूट तक रेल्वे लाइन का विस्तार होने की आस सरगुजा संभाग के लाखों लोगों की आकांक्षा के साथ रेल्वे लाईन का सर्वे करने वाली कंपनी ने अपने फायदे के लिए ऐसा खेल खेला है कि रेल लाईन विस्तार का सपना, सपना ही बनकर राह जाएगा.

दरसअल इस मामले की आरटीआई से मिले दस्तावेजों के आधार पर किया गया है. जिसमें बताया गया कि सर्वे कंपनी ने सूरजपुर जिले के भटगांव से रेनूकूट रेल मार्ग के लिए रेनुकूट से करीब 100 किलोमीटर दूर सूरजपुर जिले के भटगांव के बजाए बलौदाबाजार जिले में स्थित भटगांव से 400 किलोमीटर से ज्यादा का सर्वे कर उसकी रिपोर्ट रेलवे को पेश कर दी और इसमें भी बड़ा घोटाला करते हुए पूर्व के सर्वे के आधे दस्तावेजों को केवल कॉपी कर उसे जमा कर दिया.

गौरतलब है कि रेल्वे द्वारा फिर से अम्बिकापुर से रेनूकूट रेल लाइन के लिए सर्वे के लिए टेंडर जारी किया गया है..जिसे लेकर लोगों में एक बार फिर अंबिकापुर से रेललाइन विस्तार की उम्मीद थी.परन्तु यह कोई पहली बार नहीं है कि रेलवे ने इस लाइन पर सर्वे के लिए टेंडर जारी किया हो.इससे पहले सर्वे के लिए 3 बार टेंडर जारी कर सर्वे कराया गया है..लेकिन रेल्वे लाईन का सर्वे करने वाली कंपनी ने अपने फायदे के लिए ऐसा खेल-खेला है कि रेल लाईन विस्तार का सपना, सपना ही बनकर रहने वाला है..यह रेल मार्ग जितना सरगुजा संभाग वासियों के लिए फायदेमंद है. उससे कहीं ज्यादा यह सरकारी कोल खनन करने वाली कंपनी एसईसीएल के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है..प्रतापपुर के पास स्थित जगन्नाथपुर खदान व वाड्रफनगर बरती के पास प्रस्तावित खदान जो कि पूर्व में मौजरबीयर कंपनी को दिया गया था.उक्त कंपनी द्वारा उसे सरेंडर करने के पश्चात उसे भी एसईसीएल का ही माना जा रहा है.ऐसे में यह रेल लाईन एसईसीएसल को काफी फायदा पहुंचा सकती है. इस रेलमार्ग पर रेट ऑफरिटर्न करीब 14 प्रतिशत हो जाता है।

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