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प्रशासन के सारे दावे फेल, पखांजुर में बाढ़ के हालात…..अपना घर छोड़ने को लोग मजबूर

देबाशीष बिश्वास@कांकेर। पिछले कुछ दिन से हो रही बारिश ने प्रशासन के सारे दावों की पोल खोल कर रख दी है। करोड़ों रूपए की लागत से नालों का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन उस ओर प्रशासनिक अमले ने दोबारा झांकना भी उचित नहीं समझा। अब हाल यह है कि पखांजुर नगर पंचायत में बाढ़ […]

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देबाशीष बिश्वास@कांकेर। पिछले कुछ दिन से हो रही बारिश ने प्रशासन के सारे दावों की पोल खोल कर रख दी है। करोड़ों रूपए की लागत से नालों का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन उस ओर प्रशासनिक अमले ने दोबारा झांकना भी उचित नहीं समझा। अब हाल यह है कि पखांजुर नगर पंचायत में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है और लोग अपने परिवारों के साथ दूसरे के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं।

बारिश के बाद अमूमन हर साल इस इलाके की ऐसी ही हालत रहती है। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की इस पर नज़र नहीं पड़ती। जल भराव की वजह से कई घरों को भारी नुकसान हुआ है, वहीं वार्ड नम्बर 8 में दो परिवारों का मकान ढह गया है जिस वजह से वे सड़क पर आ गए हैं। हालांकि इससे फिलहाल जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता कि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए।

करोड़ों की लागत से बने नालों का विभाग की ओर से समय रहते साफ-सफाई नहीं की जाती है।जिसका खामियाज़ा आम जनता को उठाना पड़ता है। नाले की सफाई नहीं होने की वजह से लोगों के घरों में चार से पांच फीट तक गंदे नाले का पानी घुस चुका है। लोगों को आज अपना मकान छोड़कर दूसरों के घरों में शरणार्थी की तरह जीने को मजबूर हैं। लोगों को इस बात का भी डर सता रहा है कि गंदे पानी की वजह से उनके बच्चे बीमार ना हो जाएं। वहीं इलाके के पार्षद धीरेन मंडल भी प्रशासन के इस रवैये से खासे नाराज हैं।

 

कई सालों से जलभराव को झेलते आ रहे इलाके के लोगों का कहना है कि अगर इस जगह पानी के निकासी की व्यवस्था कर दी जाए तो शायद ऐसी विकराल परिस्थिति से बचा जा सकता है। इसके अलावा जिन गरीबों का घर ढह गया है, उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जल्द से जल्द घर मुहैया करवाने की कोशिश की जानी चाहिए। बहरहाल प्रशासन अपनी कुंभकरणीय नींद से कब जागता है यह देखने वाली बात होगी।