छत्तीसगढ़दुर्ग

डायरिया का प्रकोप, 2 लोगों की मौत, 43 लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत के बाद अस्पतालों में कराया गया भर्ती

अनिल गुप्ता@दुर्ग। भिलाई नगर निगम के कई क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप एक बार फिर से फैल गया है। जिसमे 2 लोगो की मौत हो गई है। तो वही 43 लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत पर जिले के विभिन्न अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही दुर्ग जिले के कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा और आयुक्त रोहित व्यास ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजरे बनाई रखी है।

स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में मचा हड़कंप

भिलाई में डायरिया फैलने से स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। आज अचानक दोपहर के बाद उल्टी दस्त से ग्रषित लोग एक एक करके सुपेला के शासकीय चिकित्सालय जब पहुँचने लगे। तब डॉक्टरों की टीम को समझने में समय नही लगा। कि ये लोग डायरिया से पीड़ित हैं। अधिकांश लोग कैम्प 1 जे पी नगर और संतोषी पारा , वृंदानगर क्षेत्र के रहने वाले हैं। इसके बाद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग का अमला सक्रिय हुआ। लेकिन तब तक दो लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद जिला प्रशासन भी सकते में आ गया। ख़ुर्शीपार कि रहने वाले 13 साल की बच्ची और जेपी नगर के रहने वाले 27 वर्षीय युवक की दूषित पानी पीने से मौत हो गई है। दुर्ग कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा और भिलाई निगम आयुक्त रोहित व्यास ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर समुचित व्यवस्था किये जाने के लिए निर्देशित किया। कई इलाकों में पीने का पाईप लाईन गंदी नालियों से होकर गुजरता देख दुर्ग कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार भी लगाई और व्यवस्थाओ को दुरुस्त किये जाने का भी निर्देश किया। इसके बाद उन्होंने शासकीय हॉस्पिटल में पहुँचकर पीड़ित मरीजों से भी मुलाकात किया। और बेहतर ईलाज होने का आश्वासन दिया। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा का कहना था, की सारी परिस्थितियों पर निगरानी रखी जा रही है। जो मरीज भर्ती हैं, उनके ईलाज की व्यवस्था की जा रही है। ढाई हजार घरों को चिन्हाकित किया गया है। और मेडिकल टीम घर घर जाकर सर्वे कर रही है। सभी का परीक्षण किया जा रहा है। उन्हें क्लोरीन टेबलेट और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

गंदी नालियों का पानी पाइप लाइन में बह रहा

दुर्ग कलेक्टर का ये भी कहना है, अधिकांश बस्तियों में 5 ,6 साल पहले अमृत मिशन के तहत जो पीने की पाईप लाईन बिछाई गई थी। उसे रहवासियों ने नुकसान करके अपने लिए कनेक्शन बना लिया है और क्षतिग्रस्त होने के कारण गंदी नालियों का पानी पाइप लाइन में प्रवाहित हो रहा है। इसलिए लोग डायरिया का शिकार हो रहे हैं।

डायरिया के फैलने से इधर प्रशासन सकते में

शहर में डायरिया के फैलने से इधर प्रशासन सकते में है। तो वही जनप्रतिनिधियों का भी आगमन अब हॉस्पिटल में होने लगा है। और वे मरीजो और उनके परिजनों के से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त करते नजर आ रहे हैं। एक ही दिन में डायरिया के 44 मरीज सामने आए हैं। जिनमे दो लोगो की मृत्यु हो गई है। भर्ती मरीजों के बेहतर ईलाज के लिए अच्छी व्यवस्था की जा रही है। तो वही 11 वर्षीय बच्ची और 27 वर्ष के युवक की मौत पर उनके परिजनों को मुआयजा दिए जाने की बात भी कही जा रही है। लेकिन पाईप लाईन से जो गंदा पानी से मिलकर प्रवाहित हो रहा है। उसका निदान कब तक हो पाता है। ये देखने वाली बात होगी।

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