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नक्सल पीड़ित अब बने सरकारी मुलाजिम, मुख्यमंत्री बघेल ने दिया 5 लोगों को नियुक्ति पत्र

जगदलपुर. प्रदेश में नक्सलियों ने अब तक कई घटनाओं को अंजाम दिया है और कितने ही बेगुनाहों की जान ली है। लेकिन पूर्व की भाजपा सरकार इन नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए कोई ठोस या लाभकारी कदम नही उठा पाई । वही कांग्रेस ने सरकार में आते ही कुछ ही महिनों के भीतर इन परिवारों […]

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जगदलपुर. प्रदेश में नक्सलियों ने अब तक कई घटनाओं को अंजाम दिया है और कितने ही बेगुनाहों की जान ली है। लेकिन पूर्व की भाजपा सरकार इन नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए कोई ठोस या लाभकारी कदम नही उठा पाई । वही कांग्रेस ने सरकार में आते ही कुछ ही महिनों के भीतर इन परिवारों के हित में कदम उठाना शुरू कर दिया है।

बता दें प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तर प्रवास पर है और यहां उन्होनें कल स्थानीय सर्किट हाउस में नक्सल प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं जानी। मुख्यमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए यहां नक्सल पीड़ित पांच व्यक्तियों के परिजनों को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा। इनमें 4 को भृत्य तथा एक को सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति दी गई है।  इन सभी के परिजन नक्सली हमलों में मारे गए थ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकारी नौकरी देकर इन पीड़ित परिवारों को सहारा दिया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने नक्सल पीड़ितों से चर्चा के दौरान दंतेवाड़ा जिले के नक्सल पीड़ित ग्राम समेली के गंगाराम कोड़ोपी को बालक आश्रम बारसूर में भृत्य, ग्राम पोटाली की लक्ष्मी पोड़ियाम को माध्यमिक शाला मसेनार में भृत्य, ग्राम गाटम की सविता को कन्या आश्रम मेटापाल में भृत्य, ग्राम भानसी की सविता नाग को शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय भानसी में भृत्य के पद पर नौकरी हेतु नियक्ति पत्र दिया गया। कांकेर की अमृता यादव को जिला परियोजना कार्यालय दंतेवाड़ा में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति का आदेश पत्र प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संभाग भर से आए नक्सली पीड़ितों से क्षेत्र में नक्सलवाद के असल कारणों के साथ ही इस पर नियंत्रण के संबंध में उनसे चर्चा की। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद से पीड़ित लोगों की चर्चा के उपरांत प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को अधिक से अधिक रोजगारमूलक कार्य उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्र में निरंतर सांस्कृतिक एवं मनोरंजनात्मक गतिविधियों के आयोजन के निर्देश अधिकारियों को दिए।