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नरवा, गरूवा, घुरवा अउ बाड़ी योजना बदलने लगी गांवो की तस्वीर, जिले के लोगों को मिलने लगे रोजगार

आशीष बंगानी@धमतरी. प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ’छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी-नरवा, गरूवा, घुरवा अउ बारी’ के सफल क्रियान्वयन के लिए जिले में पुरजोर कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर रजत बंसल के मार्गदर्शन में जिले के चारों विकासखण्डों में 57 गौठान निर्माण के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, रूर्बन मिशन और गौण […]

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आशीष बंगानी@धमतरी. प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ’छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी-नरवा, गरूवा, घुरवा अउ बारी’ के सफल क्रियान्वयन के लिए जिले में पुरजोर कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर रजत बंसल के मार्गदर्शन में जिले के चारों विकासखण्डों में 57 गौठान निर्माण के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, रूर्बन मिशन और गौण खनिज मद से कुल सात करोड़ पांच लाख 48 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। इनमें चार करोड़ एक लाख 98 हजार रूपए मनरेगा मद, दो करोड़ 97 लाख 46 हजार रूपए की राशि रूर्बन मिशन और छः लाख चार हजार रूपए गौण खनिज मद की राशि शामिल है।

धमतरी जिले के कुरूद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बोरझरा में 677 पशुओं की सुरक्षा के लिए लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में बनाए जा रहे गौठान से गांव की तस्वीर बदल जाएगी। यह गौठान ’’नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी, एला बचाना है संगवारी’’ पर केन्द्रित बनाए जा रहे हैं। गौठान के समीप ही यादव समाज का सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी भवन है, जिसमें बाउंड्रीवाॅल नहीं बनाया गया था। इससे भवनों की सुरक्षा चिंतनीय बनी हुई थी। पुराने पुल के टूटे हुए बेकार पड़ी सामग्री का उपयोग कर उक्त भवनों में बाउंड्रीवाल बना दिया गया है। इससे अब दोनों भवन सुरक्षित हो गए हैं। बाउंड्रवाल बन जाने से बोरझरा के दोनों भवनों का सुरक्षा तो हुआ, इसके साथ ही ग्राम बोरझरा में बन रहे गौठान से गांव की तस्वीर भी बदल गई।

नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के निर्माण से जहां गांव की तस्वीर बदल रही है, वहीं जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं और बेरोजगारों को रोजगार भी मिल रहा है। साथ ही ग्रामीणों द्वारा भी उत्साह के साथ गौठान निर्माण कार्य में योगदान दिया जा रहा है। गौठान में पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था के लिए कोटना निर्माण, सीपीटी नाली, पैरा संग्रहण के लिए मचान का निर्माण भी किया जा रहा है। गौठान निर्माण के दौरान स्थल की सुरक्षा हेतु सीपीटी निर्माण कार्य, आवश्यक समतलीकरण कार्य, पशुओं के पेयजल हेतु कोटना टैंक निर्माण एवं अपशिष्ट निपटान के लिए कचरा टैंक निर्माण कार्य (नाडेप टैंक) किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पौधा रोपण कार्य, वर्मी कंपोस्ट, गौठान में चैन लिंक फेंसिंग कार्य, चरवाहा के बैठने का शेड, गौ-मूत्र एवं गोबर आदि एकत्रित कर उपयोगी सामग्री तैयार करने का कार्य भी किया जाएगा। गौठान निर्माण से जहां पशुओं का इधर-उधर भटकना और उनका दुर्घटना तो बंद होगा ही, फसल भी नुकसान होने से बचा रहेगा।

धमतरी विकासखण्ड में 12, कुरूद में 18, मगरलोड में 13 और नगरी विकासखण्ड में 14 गौठान निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें धमतरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुजगहन, देमार, परसतराई, खपरी, संबलपुर, भानपुरी, पोटियाडीह, खरतुली, लोहरसी, सेहराडबरी में एक-एक गौठान और ग्राम पंचायत तेलीनसत्ती (उसलापुर) में दो गोठानों का निर्माण शामिल है। इसी तरह कुरूद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोर्रा, बोरझरा, सिहाद, गातापार को., दर्रा, भेण्डरा, हंचलपुर, सुपेला, पचपेड़ी, कोसमर्रा, दरबा, चटौद में एक-एक गोठान तथा ग्राम पंचायत चरौटा (लोहारपथरा), तर्रागोंदी (टिपानी) और ग्राम पंचायत गाड़ाडीह (भेलवाकूदा) में दो-दो गौठान निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है।

मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम पंचायत अमलीडीह, केकराखोली, खिसोरा, भोथीडीह, अरौद, शुक्लाभाठा, नवागांव धौ., सोनपैरी, मोहेरा, परेवाडीह, दुधवारा, राजपुर और सरगी में एक-एक गौठना निर्माण कार्य की स्वीकृति मिली है। इसी तरह नगरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत राजपुर, बांधा, सरईटोला रै., बटनहर्रा, मुकुन्दपुर, गढ़डोंगरी रै., घुरावड़, बरबांधा, लिखमा, आमगांव, गढ़डोंगरी मा., उमरगांव में एक-एक गौठान तथा ग्राम पंचायत मुनईकेरा (देवगांव) में दो गोठानों का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिले में माॅडल के तौर पर चार गोठान निर्माण कराए गए हैं, इनमें धमतरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुजगहन, मगरलोड विकासखण्ड के केकराखोली, कुरूद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हंचलपुर और नगरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुनईकेरा (देवगांव) शामिल है।