बालोद

‌Balod: जीवन यापन का संकट, आखिर बसकर्मियों की समस्याओं का कब निकलेगा सामाधान?..पढ़िए

शिव जायसवाल@बालोद। (‌Balod) जिले के बस कर्मियों की समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। बस संचालन की अनुमति तो मिली है, पर बस मालिक अपनी बसों को सड़क पर नहीं उतार रहे हैं। जिससे बस के भरोसे जीवन यापन करने वाले कर्मचारियों के बीच अब लालन-पालन की समस्या बीते 5 माह से बनी हुई है। बीच में नगर पालिका की तरफ से उन्हें राशन किट प्रदान किया गया था। परंतु वह राशन की भी अब खत्म हो चुका है। प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उन्हें भत्ता सरकार की तरफ से दिया जाए और सभी बस कर्मियों का बीमा भी सुनिश्चित किया जाए।

आंदोलन की अनुमति मगर कोरोना का हवाला

(‌Balod)बस कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि वे आंदोलन करने की अनुमति मांग रहे थे परंतु कोरोना का हवाला देते हुए उन्हें अनुमति नहीं दी गई। मगर अब एक समाज द्वारा 2 सितंबर को जिला स्तर पर जिला मुख्यालय में धरना किया जा रहा है। अगर उन्हें अनुमति दी जाती है तो हम भी धरने पर बैठेंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं उन्होंने प्रशासन पर भेदभाव करने का भी आरोप लगाया।

Mungeli: पीडीएस योजना में राशन दुकान संचालक ने खुलेआम लगाया पलीता, मगर कार्रवाई के नाम पर सुस्त क्यों पड़ा प्रशासन?..पढ़िए
यूनियन बस एंप्लाइज यूनियन की स्थापना

(‌Balod)बालोद जिले में बस कर्मचारियों के हित में यूनियन बस एंप्लाइज यूनियन की स्थापना की गई है। बस कर्मियों की मांग है कि कोरोना वायरस संक्रमण की अवधि में भुगतान नहीं हो पाया है। उसका नियमित भुगतान कराया जाए उनके लिए राशन की व्यवस्था की जाए। उन्हें बीमा का लाभ दिया जाए ।

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: