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एलआईसी के शेयर बेचने की घोषणा के खिलाफ कर्मचारी करेंगे कल देशभर में प्रदर्शन, 4 फरवरी को हड़ताल

रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट पेश करते हुए घोषणा किया कि एलआईसी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाएगा और सरकार सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से अपनी अंशपूँजी का एक हिस्सा बेचेगी। ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIIEA) इस कदम का कड़ा विरोध करती है। संगठन के सहसचिव धर्मराज महापात्र ने कहा कि […]

एलआईसी के शेयर बेचने की घोषणा के खिलाफ कर्मचारी करेंगे कल देशभर में प्रदर्शन, 4 फरवरी को हड़ताल

रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट पेश करते हुए घोषणा किया कि एलआईसी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया जाएगा और सरकार सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से अपनी अंशपूँजी का एक हिस्सा बेचेगी।

ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIIEA) इस कदम का कड़ा विरोध करती है। संगठन के सहसचिव धर्मराज महापात्र ने कहा कि वर्तमान में, सरकार के पास LIC में 100% हिस्सेदारी है। पॉलिसीधारको की घरेलू बचत से LIC पूंजी निर्माण में मदद करती हैं और इसका उपयोग देश में विकास की गतिविधियों के लिए किया जाता है। पंचवर्षीय योजनाओं में एलआईसी का अपार योगदान, पिछले 68 वर्षों से सामाजिक क्षेत्र में इसके व्यापक निवेश जो इसके कुल निवेश आदि का 80% से अधिक है को इस कदम से भारी झटका लगेगा। सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है।

आज एलआईसी एक ऐसी दर से बढ़ रही है जो जीडीपी की वृद्धि दर से बहुत अधिक है। इस वित्तीय वर्ष के पिछले छह महीने में एलआईसी की वृद्धि विशेष रूप से अभूतपूर्व रही है। एलआईसी 73% से अधिक की विशाल बाजार हिस्सेदारी के साथ बीमा उद्योग में सबसे ऊपर खड़ा है। एलआईसी का दावा निपटान रिकॉर्ड भी उदाहरण देने लायक है। ऐसे समय में जब सरकार को घटते-बढ़ते संकट के चलते कर संग्रह में का गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है, LIC के विनिवेश का अर्थ कॉर्पोरेट घरानों के लाभ के लिए कीमती संसाधनों को बेचना भर होगा। LIC ने हाल ही में Rs.2,611 करोड़ के लाभांश का भुगतान किया है, जो 100 करोड़ रुपये के शुरुआती पूंजी के एवज में खिलाफ भारत सरकार को दिया गया है। एलआईसी को भारत सरकार के कुल बजटीय प्रयासों में 25% से अधिक का योगदान का गौरव प्राप्त है। ऐसे में निजी हितों के लिए एलआईसी की अपनी अंश पूँजी का हिस्से का विनिवेश, सरकार के संसाधन एकत्रिकरण के लिए सबसे बड़ा झटका होगा।

एआईआईईए के बैनर तले बीमा कर्मचारियों ने इस कदम के खिलाफ विरोध कार्रवाई के रूप में 4 फरवरी, 2020 को भोजनावकाश के पहले एक घंटे की वॉक आऊट हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इस दिन सार्वजनिक क्षेत्र के सामान्य बीमा उद्योग में कर्मचारी दोपहर के भोजनावकाश में सरकार के कुत्सित कदम के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

हम भारत सरकार से अर्थव्यवस्था और 40 करोड़ पॉलिसीधारकों के हित में शेयर बाजार में एलआईसी को सूचीबद्ध करने के कदम को वापस लेंने और सार्वजनिक क्षेत्र के बीमा उद्योग को मजबूत करने का आह्वान करते है ।