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कालडा एवं हॉस्पिटल ने घुमन्त तामच बाबा को दिया नया जीवनदान… बाबा विगत कई वर्षो से ट्यूमर से थे पीड़ित.. . “कुछ फ़र्ज़ हमारा भी“ संस्था के सहयोग से अस्पताल में कराए गए थे भर्ती

रायपुर । 30 सालों से अधिक समय से अपना जीवन फुटपाथ पर गुज़ार रहे ताम्रध्वज बाबा / तामच का सफलतापूर्वक ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया. “कुछ फ़र्ज़ हमारा भी“ के द्वारा घुमंतू बाबा तामच को कालड़ा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल लाया गया था! बाबा विगत कई वर्षो से ट्यूमर से पीड़ित थे जो असहनीय था। यह वही […]

कालडा एवं हॉस्पिटल ने घुमन्त तामच बाबा को दिया नया जीवनदान… बाबा विगत कई वर्षो से ट्यूमर से थे पीड़ित.. . “कुछ फ़र्ज़ हमारा भी“ संस्था के सहयोग से अस्पताल में कराए गए थे भर्ती

रायपुर । 30 सालों से अधिक समय से अपना जीवन फुटपाथ पर गुज़ार रहे ताम्रध्वज बाबा / तामच का सफलतापूर्वक ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया. “कुछ फ़र्ज़ हमारा भी“ के द्वारा घुमंतू बाबा तामच को कालड़ा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल लाया गया था! बाबा विगत कई वर्षो से ट्यूमर से पीड़ित थे जो असहनीय था। यह वही तामच बाबा है!

जिन्हें हम सभी बचपन से सड़क पर घूमते देख रहे हैं पता चला है कि यह बिलासपुर के बेहद नामी वकील थे लेकिन हालात उन्हें सड़क पर लाकर रख दिए आज उनकी हालत ऐसी है कि जब वह संस्था को मिले तब अपना नाम भी भूल चुके थे ! पिछले कुछ समय से उनकी बीमारी व तकलीफ ज्यादा बढ़ गई थी !
तब “ कुछ फ़र्ज़ हमारा भी “ समाजिक संस्था के अध्यक्ष नितिन सिंह राजपूत को बाबा के बारे में जानकारी मिली और उसके दूसरे ही दिन संस्था के सदस्य इन्हें एंबुलेंस में लाकर “कालड़ा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल“ पचपेड़ी नाका में एडमिट किया गया! साथ ही उन्हें नहलाकर एवं बाल काटकर ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया.

आगे इसी प्रयास से बाबा तामस का मानसिक इलाज हेतु बिलासपुर सेंदरी मानसिक रोग अस्पताल में दाखिल करवाने हम कार्य कर रहे है। इनके इलाज में जो भी खर्चा आया हैं उसे डॉ सुनील कालडा एवं हॉस्पिटल द्वारा तामस के इलाज हेतु समाजसेवा के तहत माफ़ कर दिया गया। एवं कुछ खर्चा दवाइयों का “कुछ फ़र्ज़ हमारा भी“ द्वारा किया गया. डॉ कालडा रायपुर के प्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन है।

उन्होंने बताया कि ताम्रध्वज यानि तामस बाबा अण्डकोष के फइलेरिया से पीड़ित थे। ऑपरेशन के पश्चात् अब वे सामान्य जीवन जी सकेंगे। इस नेक कार्य के लिए डॉ सुनील कालडा, डॉ. मयंक जी, डॉ दास गुप्ता, हॉस्पिटल की टीम, व ‘कुछ फर्ज हमारा भी’ संस्था के सदस्यों का आभार’. संस्था “कुछ फ़र्ज़ हमारा भी“ उभरकर सामने आई है यह संस्था जमीनी स्तर पर लोगों कि सहयता कर रही है।

इस कार्य में ममता शर्मा समाज सेविका एवं दीपक शर्मा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं. डॉ सुनील कालडा व उनके अस्पताल के स्टाफ इस सहयोग के लिया बधाई के पात्र है। इन 30 विगत वर्षों में कालड़ा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉ.सुनील कालड़ा द्वारा अभी तक 50,000 हजार से ज्यादा लोगों का निः शुल्क इलाज किया जा चुका हैं. और डॉ.सुनील कालड़ा का महत्वपूर्ण योगदान समाज में पहले भी रहा हैं. इसके कारण इन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बहुत से पुरस्कारों से नवाजा गया.