गरियाबंद

Gariyaband: दो सगे भाइयों के कमर के नीचे के हिस्से ने काम करना किया बंद, अब लाचारी ऐसी की पत्नी और माँ के भरोसे चल रही दोनों की जिंदगी

रवि तिवारी@देवभोग। (Gariyaband) गरीबी और लाचारी की ऐसी जिंदगी की दो सगे भाइयों की जिंदगी में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों भाइयों के लिए जिंदगी जीना भी किसी संघर्ष से कम नज़र नही आ रहा है। स्थिति ये है कि दो सगे भाइयों के कमर के नीचे का हिस्सा काम करना बन्द कर चुका है। अब चलना तो दूर दोनों भाई खड़े भी नही हो पा रहे है। किसी तरह रेंगकर घर से बाहर निकल रहे है। माँ और पत्नी के भरोशे दो युवाओं की जिंदगी चल रही है। (Gariyaband) ये कहानी है देवभोग निवासी माधव(35) और ख़िरसिन्धु(27)  की। दो साल से ये दोनों भाई घर पर ही रहकर अपने इलाज की बाट जोह रहे है। दोनों भाइयों के कमर के नीचे का हिस्सा दो साल पहले काम करना बंद कर चुका है। अब स्थिति ये है कि दोनों चलने-फिरने में भी सक्षम नही है। वही ख़िरसिन्धु के लिए जहाँ माँ मालती का सहारा है,तो वही माधव का पूरा देखरेख उसकी पत्नी मंजू करती है। दोनों नहाने धोने से लेकर हर कार्य के लिए माँ और पत्नी पर आश्रित है।

दूसरे के घरों में बर्तन मांजकर कर रही दोनों की सेवा

मालती यादव बताती है कि दो साल पहले दोनों बेटों की स्थिति ठीक थी। उस दौरान ठेला चलाकर परिवार का जीवन यापन अच्छे से हो जाता था। वही दो साल पहले जब दोनों बेटों की तबीयत बिगड़ी और दोनों के कमर के नीचे का हिस्सा शून्य पड़ गया तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आज स्थिति ये है कि मालती और माधव की पत्नी मंजू लोगों के यहां बर्तन मांजकर दोनों की सेवा कर रहे है। वही दो महिलाओं के भरोशे दो बेटों के साथ ही दो मासूम छोटे-छोटे बच्चों का भी जीवन यापन हो रहा है। माधव और ख़िरसिन्धु कि माँ कहती है कि आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा कमजोर होने के कारण वे दोनों का इलाज भी नही करवा पा रही है।

फट जाता है माँ का कलेजा

दोनों बेटों की दयनीय स्थिति को देखकर उनकी माँ मालती रोते हुए खबर छत्तीसी से कहती है कि दो जवान बेटों को जब घिसटते हुए देखती हूं तो मेरा कलेजा फट जाता है। मालती कहती है कि आज भले दोनों बेटों की सांसें चल रही है लेकिन वे पिछले दो साल से कितना तकलीफ़ सहकर जिंदगी जीने को मजबूर है,इसे वे दोनों ही जानते है। वही माधव और ख़िरसिन्धु ने भी रुंधे गले से कहा कि हमें भी इस तकलीफ से निजात दिला दो,अब जिंदगी हमें बोझ लगने लगी है।

मामले में देवभोग बीएमओ डॉक्टर अंजू सोनवानी ने कहा कि आपके माध्यम से मामले की जानकारी मिली है। मैं घर जाकर दोनों की स्थिति देखूंगी। वही सीएससी में प्राथमिक इलाज़ करने के बाद स्थिति देखकर उच्च अधिकारियों से चर्चा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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