गरियाबंद

Gariyaband: सागौन तस्कर दुपहिया वाहन के साथ चढ़ा वन विभाग के हत्थे ,मुखबिर से डीएफओ को मिली थी सूचना,डीएफओ के निर्देश पर देर रात विभाग ने दिया कार्रवाई को अंजाम

रवि तिवारी @देवभोग। (Gariyaband) डीएफओ पंकज राजपूत को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थीं कि एक तस्कर दुपहिया वाहन से सागौन चिरान की तस्करी कर उसे देवभोग लाने के फिराक में हैं। सूचना मिलते ही डीएफओ ने संबंधित  एसडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए।  सूचना के आधार पर टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक सागौन तस्कर को 5 नग सागौन चिरान के साथ धरदबोचा हैं। (Gariyaband)वहीं मामले में कार्रवाई शुरू कर दुपहिया वाहन को भी राजसात कर दिया गया हैं।

इन्दागॉव(देवभोग) वन परिक्षेत्र अधिकारी नागराज मंडावी से मिली जानकारी के अनुसार 25 नवंबर को वन मंडलाधिकारी गरियाबंद पंकज राजपूत को मुखबीर से सूचना मिली थी की कांडसर की तरफ से मोटर साइकिल में पल्ला (चिरान)को लाद कर देवभोग की तरफ लाया जा रहा है जिसकी सूचना वन मंडलाधिकारी गरियाबंद ने उप वन मंडलाधिकारी देवभोग एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी इन्दागांव (देवभोग) को दिया , निर्देश मिलते ही उप वन मंडलाधिकारी देवभोग राजेन्द्र सोरी के मार्गदर्शन में  वन परिक्षेत्र अधिकारी इन्दागांव (देवभोग) नागराज मंडावी के नेतृत्व में रात्रि 11:00 बजे गोहरापदर में अवैध परिवहन करते हुए आने का इंतजार किया जा रहा था उसी दौरान उरमाल रोड़ की ओर से एक मोटर साइकिल आ रही थी जिसे रोका गया।

(Gariyaband)  जिसमें सागौन चिरान 05 नग था मोटर साइकिल चालक को पकड़ कर पुछताछ किया गया ,उनके पास सागौन चिरान परिवहन के संबंध में किसी भी प्रकार के वैध कागजात नहीं होना पाया गया,, अपराध कबूल करने पर सम्बंधित व्यक्ति ने अपना नाम कृपाराम पिता चमरूजाति- माली ,साकिन– धौराकोट बताया गया,, उक्त वनोपज एवं मोटर साइकिल क्रमांक सीजी 05 एच 8615 को वन नाका गोहरापदर लाकर वनोपज का नाप जोक किया गया। जिसमें 05 नग सागौन चिरान=0.072 घन मीटर की मूल्य =14000 रुपये, एवं मोटर साइकिल का मूल्य 20000 रुपए आकी गई है। 

पीओआर जारी कर नियमानुसार कार्यवाही किया जा रहा है । उक्त कार्य में दिनेश चंद्र पात्र डिप्टी रेंजर देवभोग, खेत्रमोहन साहू वन रक्षक खरीपथरा,खिलेश नगारची वन रक्षक-कोतराडोंगरी, सोहन ठाकुर वन रक्षक- छैला,लम्बोदर सोरी वन रक्षक-गोहरापदर, वन चौकीदार भोलाराम यदू ,वाहन चालक श्री महेंद्र सिंह चन्द्राकर एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति- गुड़भेली के सदस्य सेवन भाटी एवं जयसिंह भाटी का सहयोग रहा।

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