Home जिले वन विभाग की घोर लापरवाही उजागर, पहले घटनास्थल पर होता था पोस्टमार्टम,...

वन विभाग की घोर लापरवाही उजागर, पहले घटनास्थल पर होता था पोस्टमार्टम, फिर क्यों 15 किलोमीटर दूर ईको सेटर में रखा गया तेंदुए का शव, पढ़िए

रविकांत तिवारी@गरियाबंद। जिले में वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। तेंदुए की लाश को पोस्ट्रमार्टम के लिए गरियाबंद मुख्यालय ना लाकर घटनास्थल से 15 किलोमीटर दूर ईको सेंटर में लाया गया। जो कि अनेक शंकाओं को जन्म देता है। इससे पहले अधिकांश पोस्टमार्टम डॉक्टरों के द्वारा घटनास्थल पर किया जाता था। लेकिन […]

वन विभाग की घोर लापरवाही उजागर, पहले घटनास्थल पर होता था पोस्टमार्टम, फिर क्यों 15 किलोमीटर दूर ईको सेटर में रखा गया तेंदुए का शव, पढ़िए

रविकांत तिवारी@गरियाबंद। जिले में वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। तेंदुए की लाश को पोस्ट्रमार्टम के लिए गरियाबंद मुख्यालय ना लाकर घटनास्थल से 15 किलोमीटर दूर ईको सेंटर में लाया गया। जो कि अनेक शंकाओं को जन्म देता है। इससे पहले अधिकांश पोस्टमार्टम डॉक्टरों के द्वारा घटनास्थल पर किया जाता था। लेकिन इस बार तेंदुए की लाश को गरियाबंद से 3 किलोमीटर दूर ही ईको सेंटर में लाकर रखा गया है।

बता दें, केराबाहरा गांव में एक कुएं से तेंदुए की लाश बरामद हुई. जो कि 2 दिन पुरानी थी। एक चरवाहे ने तेंदुए की लाश की सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद वन विभाग मौके पर पहुंचा। तेंदुए की लाश को कुएं से निकालकर 15 किलोमीटर दूर इको सेंटर में लाश लाकर रखा गया। जबकि केराबारा गांव या फिर उप वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय जोबा में लाया जा सकता था।

तेंदुए का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की उपस्थिति में किया जाएगा। इस दौरान वन विभाग के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। सारी घटनाओं को लेकर गरियाबंद क्षेत्र में तरह-तरह के चर्चे विद्यमान है। वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी अनेक तरह के संदेह पैदा किए जा रहे हैं।