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Economy: IIP के आंकड़े जारी, जानिए जुलाई 2020 के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का हाल…!

नई दिल्ली। (Economy) कोरोना महामारी से देश में लगे लॉकडाउन का व्यापक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इसी बीच जुलाई 2020 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 10.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

(Economy)सरकार के शुक्रवार को आंकड़े जारी किए हैं। (Economy)चालू वित्त वर्ष में अभी तक आईआईपी में 29.2 प्रतिशत गिरावट आयी है। आंकड़ों के अनुसार आलोच्य में खाद्य उत्पादों के उत्पादन में 4.6 प्रतिशत, शीतल पेय में 33.5 प्रतिशत, कपडा में 14.8 प्रतिशत, परिधान में 28.7 प्रतिशत, चमड़ा और संबंधित उत्पाद में 15.9 प्रतिशत, रसायन में 3.5 प्रतिशत और प्लास्टिक एवं रबड़ में 5.7 प्रतिशत की कमी आयी है। दूसरी ओर फार्मा के उत्पादन में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।

लॉकडाउन में ठप पड़ी थी औद्योगिक इकाईयां

गौरतलब है कि देश में कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच 25 मार्च से लॉकडाउन घोषित था। इस दौरान सभी औद्योगिक इकाइयां ठप पड़ी थी। 3 मई से सरकार ने अनलॉक 1 का ऐलान किया। जिसमें कई गतिविधियों को छूट दी गई थी। सरकार ने औद्योगिक इकाइयों को फिर से शुरू करने का निर्देश दिए। मगर सीमित लोगों के साथ व्यवस्थाएं शुरू हुई।  लिहाजा आईआईपी की रिपोर्ट से देश की अर्थव्यवस्था को फिर से थोड़ा झटका जरूर लगा है।

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क्या होता है औद्योगिक उत्पादन?

जैसा कि नाम से ही जाहिर है, उद्योगों के उत्पादन के आंकड़े को औद्योगिक उत्पादन कहते हैं. मूलत: इसमें तीन बड़े सेक्टर शामिल किए जाते हैं. पहला है मैन्युफैक्चरिंग. यानी उद्योगों में जो बनता है, जैसे गाड़ी, कपड़ा, स्टील, सीमेंट जैसी चीजें. दूसरा है खनन, जिससे निकलता है कोयला और खनिज़ और तीसरा है यूटिलिटिज़ यानी जन सामान्य के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजें, जैसे सड़कें, बांध और पुल. ये सब मिलकर जितना भी प्रोडक्शन करते हैं, उसे कहते हैं औद्योगिक उत्पादन.

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