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कर्ज माफी से किसान के चेहरे पर खिली राहत की मुस्कान, समर्थन राशि से बनाएंगे मकान

रायपुर। कर्ज में होना जहां किसी भी व्यक्ति की परेशानी एवं चिंता का बड़ा कारण बनता है, वहीं कृषक भाईयों के ऊपर कर्ज होना, एक गंभीर विषय है। यह विडम्बना है कि कृषि प्रधान समाज में जहां आजीविका का पूरा दारोमदार कृषि क्षेत्र हो वहां कर्ज लेकर कृषि करना सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक रुप से […]

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रायपुर। कर्ज में होना जहां किसी भी व्यक्ति की परेशानी एवं चिंता का बड़ा कारण बनता है, वहीं कृषक भाईयों के ऊपर कर्ज होना, एक गंभीर विषय है। यह विडम्बना है कि कृषि प्रधान समाज में जहां आजीविका का पूरा दारोमदार कृषि क्षेत्र हो वहां कर्ज लेकर कृषि करना सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक रुप से भी जोखिम भरा होता है। कब मानसून आकर मुंह फेर ले, कब कीटों की फौज फसलों को चौपट कर दे, इसका कोई ठिकाना नहीं होता।

ऐसी स्थिति में एक कर्जधारी किसान की स्थिति और भी विकट हो जाती है। किसानों की इस परेशानी को संवेदनशीलता के साथ महसूस करते हुए राज्य शासन द्वारा किसान भाईयो के कर्जमाफी का निर्णय लिया गया है। इसी निर्णय ने प्रदेश भर के लाखों हजारों किसानों के साथ-साथ कोण्डागांव जिले के 29 हजार से अधिक किसानों के चेहरे पर राहत भरी मुस्कान ला दी है। इसी तरह धान के बढ़े हुए समर्थन मूल्य ने भी कृषकों की खुशी को दोगुना कर दिया है।

कोण्डागांव जिले के ग्राम मसोरा के कृषक भीराराम नेताम, खीरचंद पटेल और घासीराम भी उन्हीं किसानों में से है जो कर्जमाफी एवं समर्थन मूल्य की बढ़ोतरी के बदौलत अपनी खेती को नए सिरे से संवारने के लिए उत्साहित है। खीरचंद पटेल मुस्कुराते हुए बताते हैं कि उन्होंने अपनी 3 एकड़ की भूमि के लिए 39 हजार रुपये का ऋण लिया था जो अब माफ हो चुका है। वहीं पहले जहां उन्हें धान बेचने पर पूर्व के समर्थन मूल्य 12 सौ के हिसाब से 54 हजार मिलते थे वहीं अब 2500 के समर्थन मूल्य से 1 लाख 12 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। उत्साहपूर्वक उन्होंने बताया कि इस राशि से वे एक नया मकान बनायेंगे।

इसी प्रकार ग्राम गिरोला के एक अन्य कृषक घासीराम ने बताया है कि उन्होंने अपनी तीन एकड़ की भूमि के लिए 1 लाख रुपये का ऋण लिया था और मय ब्याज तीन बार 38 हजार रुपये की दर से बैंक को लौटाना पड़ा था, इसके अलावा मूलधन की राशि भी बढ़ी हुई थी परन्तु शासन द्वारा उनका लगभग 1 लाख 14 हजार का ऋण माफ कर देने से, उनकी एक बड़ी चिंता दूर हुई और वे शासन के आभारी है।

ग्राम मसोरा के किसान घासीराम का कहना था कि उन्होंने अपनी 6 एकड़ भूमि के लिए 84 हजार रुपये का ऋण लिया था और पिछले दो वर्षांे से कृषि उपज भी संतोषजनक नहीं थी। परन्तु कर्जमाफी के निर्णय ने उन्हें ऋण चुकाने की चिंता से उबार दिया है। उल्लेखनीय कोण्डागांव जिले में जिला सहकारी बैंक के माध्यम से 29 हजार 927 किसानों का 116 करोड़ 31 लाख रूपये का कर्जा नई सरकार के शपथ लेते ही माफ कर दिया गया है।