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corona: सुकून भरी खबर! जहां चाह, वहां राह…मनरेगा ने बदली इस गांव की जिंदगी, कैसे देखिए

संजय गुप्ता@कोरिया। कोरोना (corona) जैसे संकटकाल में कोरिया जिले के सोनहत जनपद में मनरेगा से मिलने वाला कुआं ग्रामीणों के लिये दोहरा वरदान साबित हो रहा है। पहले मनरेगा से मजदूरी का काम दूसरे कुआं मिलने से  बहुफसली खेती कर ग्रामीण के जीवन स्तर पर सुधार हो रहा है। कोरिया जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र सोनहत […]

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संजय गुप्ता@कोरिया। कोरोना (corona) जैसे संकटकाल में कोरिया जिले के सोनहत जनपद में मनरेगा से मिलने वाला कुआं ग्रामीणों के लिये दोहरा वरदान साबित हो रहा है।

पहले मनरेगा से मजदूरी का काम दूसरे कुआं मिलने से  बहुफसली खेती कर ग्रामीण के जीवन स्तर पर सुधार हो रहा है।

कोरिया जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र सोनहत रामगढ़ पहाड़ी एरिया जहां पर पानी की किल्लत आज नही सदियों से हैं।

जनपद सीईओ ने बताया जिला प्रशासन की जद्दोजहद से इस दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र सोनहत ब्लॉक में 509 कुएं की स्वीकृति मिली है।

जिसमे से 270 कुएं पूर्ण हो चुके हैं। एक कुंए की लागत 1.80 लाख है।

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सोनहत क्षेत्र में हितग्राही लॉकडाउन में पूरा परिवार अपने खेतों में केश क्रॉप यानी आर्थिक फसल सब्जी की खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं ।

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आप अंदाजा लगा सकते हैं एक कुंए से 1.5 एकड़ जमीन सिंचित होता है।

सोनहत ब्लॉक में उपलब्ध कुंए से 750 एकड़ एरिया सिंचित होगा।

जिससे ग्रामीण  (corona) किसानों के जीवन स्तर पर सीधा असर होगा।

उन्हें रोजगार मिलेगा साथ में उनके परिवार को प्रवाषि मजदुर बनकर बड़े शहरों में पलायन नही करना होगा ।

इस कुंआ निर्माण से वाटर लेवल में भी सुधार होगा ।

कुंए के निर्माण से सब्जी  भाजी के अलावा धान गेहूं की फसल भी आसानी से ली जा सकती है ।

किसानों के परिवार का आय बढ़ने से उनकी मूलभूत आवश्यकताए पूरी होगी ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार होगा।

जब सोनहत ब्लॉक के दो हितग्राहियों से मिलजर जानने की कोशिश की गई।

वास्तव में धरातल पर यह शासन की योजना हितग्राहियों के लिये वरदान साबित हो रही है।

पहले तो कुंआ निर्माण में हितग्राही के परिवार को मनरेगा के तहत मजदूरी करने का अवसर मिलता है।

उन्हें मजदूरी के लिये दर बदर भटकना नही पड़ता।

फिर कुंआ निर्माण के बाद हितग्राही बड़ी आसानी से अपने आसपास की जमीन में केश क्रॉप सहित बहुफसल उगाकर अपना व अपने परिवार की आर्थिक उन्नत कर पाता है।

सब्जी के सीजन में सब्जी लगाकर व फसल के सीजन में फसल लगाकर कुंए का लाभ लेता है

सोनहत ग्राम के हिताग्रही टकेस्वर राजवाडे ने बताया कि कुँए से तीन वर्ष से लगातार खेती कर रहे हैं

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परिवार के आठ लोग सब्जी भाजी खेती किसानी पर आश्रित है।

वह ठंडी में मटर गर्मी में करेला भिंडी टमाटर मिर्चा, तरोई आदि उगाते है।

नजदीक के बाजार सोनहत जाकर बेचते हैं अपने कुये के आसपास तीन एकड़ जमीन की सिंचाई भी कर पाते हैं

कोरोना संकट काल मे यह कुआँ उनके परिवार को किसी के पास उधार मांगने हाँथ फैलाने की नोबत नही आने दिया।

एक दूसरे किसान सोनहत ब्लॉक ग्राम कैलाशपुर के वह भी मनरेगा से मिले कुँए से गर्मी में उगने वाली सभी सब्जी लागये हैं।

इस आर्थिक फसल से अपने पूरे परिवार का भरण पोषण कर पा रहे हैं।

साथ में नजदीक के 1.5 एकड़ जमीन को सींच कर अन्य फसल का भी उत्पादन कर रहे हैं।

खुशहाली (corona) से जीवन जी रहे हैं।