छत्तीसगढ़

आदिवासी समाज को लांछित करने के पाप का दण्ड भुगतने तैयार रहे कांग्रेस – केदार कश्यप

जगदलपुर। भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा है कि भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव के भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम की गिरफ्तारी पर झारखंड हाईकोर्ट द्वारा रोक लगा दिए जाने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा प्रत्याशी की चरित्र हत्या की साजिश कांग्रेस ने रची। अब उसे चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए और युवा आदिवासी ब्रम्हानंद नेताम को बार बार बलात्कारी ठहराने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आदिवासी समाज से माफी मांगते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

पत्रवार्ता में पत्रकारों से मुखातिब केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज को लांछित करने के पाप का दंड भुगतने तैयार रहे। कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए जो निकृष्ट हरकत की है, आदिवासी समाज उसे कभी माफ नहीं करेगा। बूढ़ादेव की संतानों को बिकाऊ बताने वाली कांग्रेस ने भोले भाले आदिवासी युवा ब्रम्हानंद नेताम को चुनाव लड़ने और जीतने से रोकने के लिए जो षड्यंत्र रचा, उसने छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने के साथ ही आदिवासी समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाई है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दबाव में कुलद्रोही की भूमिका निभाई और ब्रम्हानंद नेताम को दुराचार का आरोपी बताया। मुख्यमंत्री बघेल ने केबिनेट मंत्री कवासी लखमा से आदिवासी आरक्षण लागू न होने पर त्याग पत्र देने का बयान दिलवा कर उनकी भी बलि चढ़ाने का इंतजाम कर दिया है | समाज के लोगों के बीच ही संघर्ष पैदा करने का घृणित खेल कांग्रेस कर रही है |

कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तो इससे भी गिरी हुई राजनीति करते हुए आदिवासी युवा को चुनाव के दौरान लगातार बलात्कारी कहा। जब कांग्रेस ने यह राजनीतिक दुष्कर्म किया तो आहत आदिवासी समाज के घरों में कई रोज चूल्हे तक नहीं जले। कांग्रेस ने आदिवासी समाज का घोर अपमान किया है। अब झारखंड हाईकोर्ट ने ब्रम्हानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह आदिवासी समाज को प्रताड़ित करने वाली कांग्रेस के मुंह पर करारा तमाचा है। कांग्रेस ने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए झारखंड पुलिस की मेहमानवाजी की और मतदान होने तक उसे ब्रम्हानंद नेताम को मानसिक प्रताड़ना देने के लिए कांकेर में रोके रखा। झारखंड हाईकोर्ट द्वारा ब्रम्हानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगा देने के बावजूद उन्हें झारखंड पुलिस से पूछताछ के नाम पर हिरासत में भिजवाया। इससे प्रमाणित हो गया है कि कांग्रेस ने एक उपचुनाव जीतने की कोशिश में न केवल लोकतंत्र की हत्या की, बल्कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान पर चोट की है। कांग्रेस आदिवासी समाज की अपराधी है और उसके अक्षम्य अपराध का दंड समाज उसे अवश्य देगा।

भाजपा जिला कार्यालय में आहुत पत्र वार्ता के दौरान किरण देव, जिलाध्यक्ष रुप सिंह मण्डावी, डा. सुभाऊ कश्यप, संतोष बाफना, श्रीनिवास राव मद्दी, बैदूराम कश्यप, लच्छूराम कश्यप, समुंदसाय कच्छ, सुधीर पाण्डेय, योगेन्द्र पाण्डेय, वेदप्रकाश पाण्डेय, बाबुल नाग, अविनाश श्रीवास्तव, सुरेश गुप्ता, आलोक अवस्थी मौजूद थे |


Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: