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Congress ने मेंबरशिप फॉर्म में किए बदलाव, सदस्यता लेने वाले व्यक्ति को देना होगा हलफनामा, बगावती नेताओं से सावधान हुई पार्टी

नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) के 1 नवंबर से शुरू होने जा रहे सदस्यता अभियान को लेकर पार्टी ने मेंबरशिप फॉर्म में कई अहम बदलाव किए हैं। कांग्रेस ने मेंबरशिप फॉर्म में 10 बिंदुओं का उल्लेख किया है. जिसमें एक प्वाइंट यह भी है कि सदस्यता लेने वाले व्यक्ति को यह हलफनामा देना होगा कि वह पार्टी की नीतियों व निर्णयों की आलोचना सार्वजनिक तौर पर नहीं करेगा। (Congress) इसके अलावा यह शर्त भी रखी गई है कि सदस्यता लेने वाला कोई भी व्यक्ति कानूनी सीमा से अधिक संपत्ति नहीं रखेगा।

(Congress) सार्वजनिक तौर पर पार्टी की आलोचना करने वाले जी 23 नेताओं से सावधान होकर कांग्रेस ने यह कदम उठाया है. कांग्रेस के मेंबरशिप फॉर्म में साफ तौर पर लिखा है कि- ‘मैं धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद व लोकतंत्र के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए सदस्यता लेता हूं। मैं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, खुले तौर पर या किसी तरह से पार्टी मंचों के अलावा, पार्टी की स्वीकृत नीतियों व कार्यक्रमों की आलोचना नहीं करूंगा।’

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बता दें कि कांग्रेस की नीतियों और फैसलों को लेकर जी 23 के नेताओं ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस कार्यसमिति की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की थी। वहीं पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सीधे ही कह दिया था कि पार्टी का निर्णय कौन लेता है. यह मैं नहीं जानता.

सोनिया गांधी ने जी 23 के नेताओं को फटकार

सार्वजनिक मंचों पर अपनी ही पार्टी की आलोचना और किरकिरी के बाद सोनिया गांधी ने सीधे नाम न लेते हुए जी-23 नेताओं को फटकार लगाई थी और अध्यक्ष की मांग पर साफ कहा था कि मैं ही कांग्रेस की अध्यक्ष हूं और फैसले भी मैं ही ले रही हूं। उन्होंने यहां तक भी कह दिया था कि कुछ भी कहने के लिए मीडिया के सहारे की जरूरत नहीं है।

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