Home मध्य प्रदेश भोपाल मध्यप्रदेश नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव, जनता नहीं पार्षद चुनेंगे महापौर

मध्यप्रदेश नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव, जनता नहीं पार्षद चुनेंगे महापौर

भोपाल। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव कर दिए हैं। इस बदलाव के बाद अब जानता नहीं बल्कि पार्षद ही महापौर का चुनाव करेंगे। मतलब जिस दल की सबसे अधिक पार्षद उस दल का महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष। राज्य सरकार प्रदेश में 20 साल बाद फिर से नगरीय निकायों में […]

भोपाल। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव कर दिए हैं। इस बदलाव के बाद अब जानता नहीं बल्कि पार्षद ही महापौर का चुनाव करेंगे। मतलब जिस दल की सबसे अधिक पार्षद उस दल का महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष।

राज्य सरकार प्रदेश में 20 साल बाद फिर से नगरीय निकायों में अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर और अध्यक्ष चुनने की व्यवस्था करने पर विचार किया है। इसके तहत पार्षद महापौर को चुनेंगे। इस संबंध में बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया गया था। फिलहाल प्रदेश के नगरीय निकायों में आम चुनाव के जरिए जनता वोट कर महापौर या अध्यक्ष को चुनती है। नई व्यवस्था लागू करने के लिए मध्यप्रदेश नगर पालिक अधिनियम में संशोधन करने जा रही है। प्रदेश में अगले साल मार्च के महीने में निकायों के चुनाव संभावित है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर का चुनाव कराए जाने के पीछे अपना राजनीतिक लाभ देख रही है।

उसे आशंका है कि यदि प्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर के चुनाव हुए तो उसे नुकसान हो सकता है। साथ ही निकाय परिसीमन और चुनाव के बीच की अवधि 6 माह से घटाकर 2 माह किए जाने के प्रस्ताव भी चर्चा होगी। अभी परिसीमन और चुनाव के बीच 6 महीने का समय होना जरूरी है।