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रेलवे की जमीन पर बिल्डरों का कब्जा, सोते रहे विभागीय अधिकारी

रायपुर, सरकारी अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी रेलवे की जमीन पर कब्जा होने के बाद अब नींद से जागे है। मामला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का है जहां डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित डीआरएम कार्यालय से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोंडवाना में लोगों ने अपनी जरुरत के […]

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कब्जा
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रायपुर, सरकारी अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी रेलवे की जमीन पर कब्जा होने के बाद अब नींद से जागे है। मामला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का है जहां डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित डीआरएम कार्यालय से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोंडवाना में लोगों ने अपनी जरुरत के मुताबिक रेलवे की सरकारी जमीन पर आवास निर्माण कर लियें है व दावा कर रहे हैं कि उनके पास संबधित जमीन के रजिस्ट्री के सभी दस्तावेज मौजूद हैं।

वहीं रेलवे की जमीन पर वर्षो से किये जा रहे कब्जे को लेकर रेलवे के जिम्मेदारों के पास कोई जानकरी तक नहीं है और ना ही उन्हें कब्जे संबधित जानकारी की भनक तक लगी है। जब मामले का खुलासा हुआ तो आनन-फानन में उक्त जमीन पर रेलवे की संम्पत्ति का बोर्ड लगाकर अब खानापूर्ति की जा रही है।

वहीं दूसरी तरफ वर्षो पहले रेलवे की तरफ से लगाये गये, रेलवे के लैंड मार्क वाले पोल भी अब नदारद हैं व आधे से ज्यादा पोल टूट चुके हैं जिनकी रिपोर्ट रेलवे प्रशासन ने अभी तक नहीं लिखाई है। वहीं दूसरी तरफ कुछ एक मकानों में रेलवे का मार्क यानि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे लिखा दिखाई दे रहा है वहां रहने वालों ने बातचीत में बताया कि यहां निजी घरों की दीवारों के साथ पेडों तक में पेंट से रेलवे का मार्क लगा है।

गोंडवाना क्षेत्र के रहवासियों ने जानकारी करने पर बताया कि यहां कई बिल्डर ऐसे हैं कि जो दलालो के मार्फत औने पौने दामों में लोगों को रेलवे की सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे बेचने का गोरख धंधा चला रहे हैं। इलाके में की गई पडताल में सामने आया कि यहां लोगों ने तकरीबन 10-15 साल पहले जिन लोगों से यह जमीन खरीदी थी वे सभी बाहरी राज्यों के रहने वाले हैं जिसका सबूत उनके पास मौजूद जमीन की रजिस्ट्री में भी है।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेलवे के डीआरएम कौशल किशोर का कहना था कि रेलवे की जमीन को बेचा नहीं जा सकता है, अगर कोई रेलवे की संम्पत्ति को अवैध तरीके से बेचता है तो यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता ऐसे में उक्त व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा लिखाया जायेगा वहीं मामले की विस्त्रत जांच कर कार्यवाही की जायेगी।