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प्रदेश सरकार नक्सलियों के सूर में सूर मिला कर सीएए कानून का विरोध कर रही: पाणीग्रही

महासमुन्द। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री जगन्नाथ पाणीग्रही आज महासमुन्द के भाजपा कार्यापय पहुंचे थे और उन्होंने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में आज एक साथ नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जनजागरण अभियान की शुरूआत की गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक […]

प्रदेश सरकार नक्सलियों के सूर में सूर मिला कर सीएए कानून का विरोध कर रही: पाणीग्रही

महासमुन्द। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री जगन्नाथ पाणीग्रही आज महासमुन्द के भाजपा कार्यापय पहुंचे थे और उन्होंने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में आज एक साथ नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जनजागरण अभियान की शुरूआत की गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक रूपकुमारी चौधरी, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रहास चन्द्राकर, भाजपा जिला महामंत्री प्रदीप चन्द्राकर, ऐतराम साहू उपस्थित थे।

जगन्नाथ पाणीग्रही ने प्रेस से कहा कि 1947 में पाकिस्थान और भारत के विभाजन के वक्त पाकिस्तान में हिन्दुओं की जनसंख्या 23 प्रतिशत थी, वैसे ही बंगलादेश में जनसंख्या 22 प्रतिशत थी जो अब घट कर 1.75 और 2.5 प्रतिशत के लगबग रह गई है। इसका मूल कारण पाकिस्तान, बांगलादेश एवं अफगानिस्थान में धार्मिक आधार पर मानव जाति के ऊपर शारिरिक, मानसिक उत्पीडऩ हो रहा था और हो रहा है। महात्मा गांधी ने 26 सितम्बर 1947 को प्रार्थना सभा में खुले तौर पर घोषणा थी कि पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दु सिख हर नजरिये से भारत आ सकते है और ऐसी स्थिति में उन्हें नौकरी देना उनके जीवन को सामान्य बनाना भारत सरकार का पहला कर्तव्य है।

वहीं पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 25 जनवरी 1948 को कहा था कि जो शरणार्थी भारत आए है उनकी हर संभव मदद हमें करना चाहिए और केन्द्रीय राहत कोष का उपयोग जैसे हम आपातकाल में करते है उसका उपयोग करना चाहिए।
श्री पाणीग्रही ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी बसुदेव कुटुम्बकम के सिध्दांत है को मानती है, अखण्ड भारत में जन्मा व्यक्ति पड़ोसी देश में अल्प संख्यक है और धार्मिक रूप से अनाचार का शिकार है,भारत उन्हें शरण देता है तो अब भारत सरकार उन्हें नागरिकता भी देगी ताकि वे हमारे शरणार्थी भाई बहन आत्म सम्मान का जीवन जी सके।

बड़े खेद के साथ दुखी होकर कहना पड़ रहा है कि छत्तीसगढ़ की प्रदेश सरकार नक्सलियों के सूर में सूर मिला कर इस कानून का विरोध कर रही है। कांग्रेस की मुख्यमंत्री भूपेष बघेल सरकार से पूछना चाहते है क्या महात्मा गांधी जेबी कृपलाणी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, राममनोहर लोहिया, इंदिरा गांधी ने जो अफगानिस्थान, पाकिस्तान और बंगलादेश से आये शरणार्थियों के बारे में चिन्ता की थी, क्या छत्तीसगढ़ प्रदेश की कांग्रेस की सरकार इन महापुरूषों के विचारों को नक्सलवादियों के दबाव में नकारना चाहती है? उन्होंने आगे बतायाय कि 10 जनवरी से 14 जनवरी तक प्रदेश रायपुर, धमतरी, भिलाई, दुर्ग, कांकेर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जशपुर सरगुजा में रैलिया की जावेगी जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय नेता केशव प्रसाद मौर्य, नरोत्तम मिश्रा, बाबूल सुप्रियो, कैलाश विजय वर्गीय, अजय प्रताप सिंह, अर्जुन मुंडा, कैलाश चौधरी सहित अन्य राष्ट्रीय नेता पहुंचेंगे और शरणार्थी परिवारों से भी भेंट करेंगे एवं हस्ताक्षर अभियान में शामिल होंगे।