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गर्भवती महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही बाईक एम्बुलेंस, अब तक 2268 मरीज लाभान्वित

कवर्धा. जिले के बैगा आदिवासी बाहुल्य पंडरिया विकासखण्ड के सुदूर और दुर्गम वनांचल में रहने गर्भवती महिलाओं के लिए बाईक एम्बुलेंस वरदान साबित हो रही है। इन महिलाओं में से एक है दशरी बाई…गर्भवती महिला दशरी बाई पंडरिया विकासखण्ड के सुदूर वनांचल बैगा बाहुल्य ग्राम दमगढ़ के आश्रित गांव ताईतीरनी की रहने वाली है। उनका […]

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kawardha

कवर्धा. जिले के बैगा आदिवासी बाहुल्य पंडरिया विकासखण्ड के सुदूर और दुर्गम वनांचल में रहने गर्भवती महिलाओं के लिए बाईक एम्बुलेंस वरदान साबित हो रही है। इन महिलाओं में से एक है दशरी बाई…गर्भवती महिला दशरी बाई पंडरिया विकासखण्ड के सुदूर वनांचल बैगा बाहुल्य ग्राम दमगढ़ के आश्रित गांव ताईतीरनी की रहने वाली है।

उनका कहना है कि जंगल क्षेत्र के सभी गांवों के लिए बाईक एम्बुलेंस जीवन रक्षक के रूप में वरदान साबित हो रही है। वह बाइक एम्बुलेंस के माध्यम से कुकदूर के स्वास्थ्य केन्द्र में पहुंच कर अपना नियमित रूप में स्वास्थ्य परीक्षण भी कराती है। कल भी वह इस बाईक एम्बुलेंस से स्वास्थ्य परीक्षण कर अपने गांव लौट रही थी, तभी वनांचल ग्रामों के दौरे पर पहुंचे कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने अपनी गाड़ी रूकवाकर बाईक एम्बुलेंस के मरीजों का हाल-चाल जाना। बाईक एम्बुलेंस में गभर्वती माता के साथ उनका छोटा बेटा और गांव की स्वास्थ्य मितानित कुल तीन महिलाएं बड़े आराम से बैठी थी। कलेक्टर ने बाईक एम्बुलेंस चालक, गर्भवती महिला और स्वास्थ्य मितानिन से वार्तालाप शैली में एम्बुलेंस से मिलने वाले लाभ और फायदे की जानकारी ली।

बाईक एम्बुलेंस की सेवाओं का जिक्र करते हुए वनांचल क्षेत्र की स्वास्थ्य मितानिन ने सातीन बाई का कहना है कि बाइक एंबुलेंस की सेवा मिलने से वनांचल गांवों में सदियों से चली आ रही झाड़-फूक की सामाजिक कुरीतियां तोड़ने और अंधविश्वास को दूर करने में मदद मिल रही है। मितानिन का कहना है कि वनांचल गांवों में पहले जब मौसमी बीमारियां जैसे चिकनपॉक्स (माता), मलेरिया, डायरिया, उल्टी-दस्त और अन्य बीमारियां होती थी, तब यहां के लोग पहले स्थानीय बैगाओं के पास पहुंचकर अपना इलाज कराते थे। वनांचल ग्रामों में किसी को सांप-बिच्छू के काटने पर झाड़-फूक कराते थे। उनका कहना है, कि अब बाईक एम्बुलेंस की सेवाएं मिलने से वनांचल ग्रामों में जागृति आई है। बाईक एम्बुलेंस की सेवा मिलने से झाड़-फूक जैसे अंधविश्वास को दूर करने और गांव-घर में ही जचकी करने जैसे सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में मददगार साबित हुई है।

बाइक एम्बुलेंस से अब तक 2268 मरीजों को मिला सीधा लाभ

कबीरधाम जिले में पांच बड़े वनांचल केन्द्र दलदली, बोक्करखार, झलमला, कुकूदर और छिरपानी में बाईक एम्बुलेंस की सेवाएं मिलने से अब तक 2 हजार 268 मरीजों को इस सुविधा का सीधा लाभ मिला है। बाईक एम्बुलेंस से वनांचल क्षेत्र के 332 गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया। 346 शिशुवती माताओं को प्रसव के बाद सुरक्षित घर पहुंचाया गया। इसके साथ ही 1120 गर्भवती माताओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया। 293 बच्चों को टीकाकरण एवं मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। 166 मरीजों को आपात कालीन में स्वाथ्य केन्द्र पहुंचाकर उन्हे आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार 11 मरीजों को उप-स्वास्थ्य केन्द्र से रिफर कर सामुदायिक केन्द्र पहुंचाकर उन्हे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई गई।