बेमेतरा

Bemetara: महिलाएं अपने पुत्र के दीर्घायु के लिए रखी कमरछठ का व्रत, पसहर चावल का सेवन कर महिलाओं ने तोड़ा व्रत

 

दुर्गा प्रसाद सेन@बेमेतरा। (Bemetara) आज के दिन पूरे छत्तीसगढ़ में कमरछठ व्रत रख कर महिलाएं अपने पुत्र के दीर्घायु के लिए कामनाएं करती हैं। बेमेतरा जिला मुख्यालय के सिंघोरी व हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पिकरी नयापारा व पूरे जिले में  महिलाएं सुबह से ही पूजा की तैयारियों में जुटी रही। महिलाएं अपने पुत्र की लंबी उम्र व अच्छे स्वास्थ्य के लिए उपवास रखी।

(Bemetara) पूजा में उपयोग किए फूल, नारियल, फुलौरी, महुआ, दोना टोकनी, लाई व छह प्रकार की भाजी थी। संतान की दीर्घायु की किए कामना की।

(Bemetara) छत्तीसगढ़ मेंहलषष्ठी व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता श्री बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन बलरामजी का जन्म हुआ था इसलिए बिना हल चलाएं उगने वाले पसहर चावल और भाजी का पूजा करती है। चावल और भाजी का भोग सबसे पहले जीव जंतु के लिए रखते हैं। उसके पश्चात ही स्वयं भोग लगाते हैं। भोग खाकर अपना उपवास तोड़ती हैं। उपवास तोड़ने के बाद महिलाएं अपने झूठे बर्तन को तालाब में विसर्जन कर देती है

कहा जाता है कि माता देवकी के पुत्र को जब कंस ने वृंध कर रहे थे. तब पुत्र की रक्षा की कामना के लिए माता देवकी कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को षष्ठी देवी का आराधना कर व्रत रखी थी। इसी मान्यता के चलते महिलाएं अपने पुत्र की खुशहाली के लिए कमरछठ का व्रत रखती हैं।

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: