सरगुजा-अंबिकापुर

Ambikapur: ये कैसी जिंदगी! इस गांव के लोगों का जीवन हुआ दुर्भर…मूलभूत सुविधाओं के अभाव के साथ हाथियों के दहशत के बीच जीने को मजबूर….

शिव शंकर साहनी@सरगुजा। (Ambikapur) जिले के मैनपाट क्षेत्र में आतंक मचाने के बाद अब हाथियों का दल लखनपुर ब्लाक की ओर रुख कर लिया है.

ग्राम पंचायत पटकुरा के आश्रित ग्राम घटोन में बीते दिनों हाथियों के दल ने 8 घरों को तहस-नहस कर दिया है. हाथी प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण आज भी दहशत में जी रहे हैं. वही ग्राम घटोन के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित है.

दरसअल (Ambikapur) इस बारिश के इस मौसम में सरगुजा जिला हाथियों के आतंक से दहला हुआ है. लगातार हाथियों के 9 सदस्य दल ने मैनपाट क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में उत्पाद मचा रहे हैं. मैनपाट क्षेत्र में कई घरों को हाथियों ने उजाड़ दिया. जिस वजह से ग्रामीण बेघर हो चुके हैं.

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(Ambikapur) मैनपाट क्षेत्र के बाद हाथियों का दल इन दिनों लुंड्रा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पटपुरा जंगल की ओर विचरण कर रहा है.

बीते दिनों ग्राम पंचायत पटपुरा के आश्रित गांव घटोन  में हाथियों के दल ने 8 घरों को उजाड़ दिया. ऐसे में ग्रामीण भारी बारिश में बेघर हो चुके हैं.

आलम यह है कि हाथी प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण रात के दौरान स्कूलों के छत पर रात गुजारने को मजबूर हैं. वही वन अमले के साथ गांव का युवा वर्ग हाथों में टॉर्च लेकर रात भर हाथियों की निगरानी करता है.

इधर वन विभाग की टीम रोजाना दिन के वक्त हाथी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर ग्रामीणों को हाथियों के दल से दूर रहने की समझाइश देती है. ताकि ग्रामीणों की जान बचाई जा सके. इन सबके बीच हाथी प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की समस्या यहीं खत्म नहीं होती है.

ग्राम घटोन के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित है. गांव में सड़क बिजली जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर ग्रामीणों की मुश्किलें और भी बढ़ गई है. एक तरफ ग्रामीण हाथियों के दहशत के बीच जी रहे हैं. दूसरी ओर गांव में मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को दोहरी मार झूलनी पड़ रही है.

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सड़क के अभाव में जिम्मेदार अधिकारी भी हाथी प्रभावित गांव तक नहीं पहुंच पाते हैं.. या यूं कहें कि वन विभाग के छोटे कर्मचारियों के अलावा ग्रामीणों की सुध लेने एक भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचता है।

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