Home राजनीति कंसोल के खिलाफ अन्य शिकायतों पर भी हो कार्यवाही : कांग्रेस

कंसोल के खिलाफ अन्य शिकायतों पर भी हो कार्यवाही : कांग्रेस

रायपुर। कंसोल और भाजपा सरकार में संवाद जनसंपर्क के अधिकारियों पर ईओडब्ल्यू द्वारा अपराध पंजीबद्ध किये जाने पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस ने समय-समय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे, वह प्रमाणित हो गये है। कंसोल का मामला भाजपा सरकार में राजनैतिक […]

कांग्रेस ने भाजपा के ऊपर नगरीय निकाय चुनाव में निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है : त्रिवेदी

रायपुर। कंसोल और भाजपा सरकार में संवाद जनसंपर्क के अधिकारियों पर ईओडब्ल्यू द्वारा अपराध पंजीबद्ध किये जाने पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस ने समय-समय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे, वह प्रमाणित हो गये है। कंसोल का मामला भाजपा सरकार में राजनैतिक उद्देश्यों के लिये सरकारी धन के दुरूपयोग का निम्नतम उदाहरण है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि फर्जी सीडी बनाने और वायरल करने में इन्हीं लोगों की भूमिका रही है। विधानसभा चुनाव 2018 के मतदान के ठीक एक दिन पहले कर्जमाफी की फर्जी चिट्ठी वायरल कर मतदाताओं और किसानों में भ्रम फैलाकर कांग्रेस को चुनावी नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गयी थी और इसमें भी कंसोल इंडिया की भूमिका रही। भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ रहे तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की छवि बिगाड़ने के उद्देश्य से कंसोल इंडिया ने ‘‘भूपिया हस का’’ पेज बनाया था। रमन सिंह और अभिषेक सिंह के करीबी रहे लोगों की कंपनी कंसोल इंडिया है। रमन सिंह के ओएसडी अरूण बिसेन की पत्नी की एनआरडीए में नियुक्ति के लिये इसी कंसोल इंडिया कंपनी ने अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया था। जिस पर बिना प्रमाण पत्रों के सत्यापन के 1 लाख रू. महिने की नौकरी जागेश्वरी बिसेन को दे दी।जबकि कंसोल इंडिया कंपनी से जारी प्रमाण पत्र आवश्यक न्यूनतम अनुभव 5 वर्ष से कम का था। रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी कंसोल इंडिया के साथ षड़यंत्र कर राजनैतिक उद्देश्यों के लिये सरकारी धन का उपयोग करती रही। जनसंपर्क विभाग था मुख्यमंत्री रमन सिंह के पास और होता रहा जनता के पैसो का दुरूपयोग। भाजपा और रमन सिंह को मदद पहुंचाने के लिये। जिसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से की गयी थी। उस शिकायत पर कोई कार्यवाही और गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुयी है।

संवाद और जनसंपर्क के अधिकारियों के द्वारा आपस में सहमति कर एवं कंसोल इंडिया के साथ मिलकर आपराधिक षड़यंत्र कर केवल कंसोल इंडिया को अधिक दर पर निविदा प्रदान कर राज्य शासन के साथ धोखाधड़ी कर आर्थिक हानि कारित की गयी तथा स्वयं को तथा कंसोल इंडिया को आर्थिक लाभ प्रदान किया गया जो एक आपराधिक कृत्य है तथा धारा 7सी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 यथा संशोधित (संशोधन) अधिनियम 2018 एवं धारा 420, 120बी भा.द.वि. के तहत दण्डनीय अपराध है। कंसोल इंडिया और उनके सहयोगियों पर ईओडब्ल्यू द्वारा धारा 7सी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और धारा 420, 120बी का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

कंसोल के खिलाफ अन्य शिकायतों पर कार्यवाही की मांग करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष भूपेश बघेल जी ने 22 नवंबर 2018 को पत्रकारवार्ता करके भी कांग्रेस की ओर से इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया था। पूर्व सरकार के निशाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस ही नहीं वरन छत्तीसगढ़ के पत्रकार भी थे और बहुत सी घटना में पता चला कि रमन सिंह और सुपर सीएम कहलवाने वाली उनके कृपा पात्र अधिकारी अपनी सरकार के कुकर्मो को बचाने, दबाने के लिये कंसोल इंडिया और जनता के धन का दुरूपयोग करते रहे। स्टिंग वायरल हुआ था उससे उजागर हुआ था कि उस समय के जनसंपर्क के आयुक्त राजेश टोप्पो, मुख्यमंत्री के ओएसडी अरूण बिसेन सुपर सीएम के नाम से जाने जाने वाले अधिकारी के निर्देशों पर पैसे का दुरूपयोग ब्लेकमेलिंग के लिये करते रहे। रमन सिंह के कार्यकाल में सीएम आफिस जनहित में नहीं ऐसे गैरकानूनी कामों में लिप्त रहा था, जिसमें कंसोल की अहम भूमिका रही। सरकारी अधिकारी प्रशासनिक काम छोड़कर भाजपा के एजेंट बनकर राजनैतिक गोटियां बिछाते रहे। 9 साल में कंसोल इंडिया ने राजनैतिक रसुख का इस्तेमाल कर अपना बड़ा कारोबार खड़ा कर सरकारी पैसो का इस्तेमाल कर भाजपा के प्रचार-प्रसार के लिये उपयोग किया था। इस कंपनी ने बहुत से षड़यंत्र रचे है। कांग्रेस और उसके बड़े नेताओं को फंसाने व बदनाम करने के लिये प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ सुनियोजित षड़यंत्र व अश्लील सामाग्री का भी प्रयोग किया जा रहा था।