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बेमेतरा/शहर की सत्ता को लेकर प्रत्याशियों का भाग्य मत पेटी में कैद, चौक चौराहों पर अटकलों का दौर शुरू

अरुण कुमार सोनी, बेमेतरा। जिले में नगरीय निकाय चुनाव के मतदान के बाद प्रत्याशियों की किस्मत जहां मत पेटी में कैद हो चुकी है। तो अब इस चुनाव में किसकी सरकार बनेगी ।इस बात को लेकर नगर के प्रमुख चौक- चौराहों व चाय दुकानों में चर्चा का विषय बना हुआ। बेमेतरा नगर पालिका परिषद के […]

अरुण कुमार सोनी, बेमेतरा। जिले में नगरीय निकाय चुनाव के मतदान के बाद प्रत्याशियों की किस्मत जहां मत पेटी में कैद हो चुकी है। तो अब इस चुनाव में किसकी सरकार बनेगी ।इस बात को लेकर नगर के प्रमुख चौक- चौराहों व चाय दुकानों में चर्चा का विषय बना हुआ। बेमेतरा नगर पालिका परिषद के अति संवेदनशील वार्ड नंबर 17 के लिए प्रत्याशियों के लिए हार जीत व सट्टे का बाजार बहुत ही गर्म है। क्योंकि तीनों प्रत्याशी अपनी अपनी जीत पर आश्वस्त हैं। भाजपा कांग्रेस व निर्दलीय प्रत्याशी के जीतने वाला ही अध्यक्ष पद का दावेदार है । मतदाताओं के द्वारा इस वार्ड की जीत का सेहरा किसके सिर पर है।

यह मतगणना के ही दिन 24 दिसंबर को ही तय होगा। लोग अब यह कयास लगा रहे हैं कि वार्ड नंबर 17 में किसकी जीत होगी। जिसे शहर में किसकी सरकार बनेगी। लगातार चौक चौराहे नगर के प्रमुख स्थान नया बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड, प्रताप चौक, पियर चौक, कचहरी पारा पुलिस थाना के सामने व कृषि उपज मंडी के पास इस बात को लेकर लोगों में चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। दरअसल 21 दिसंबर को जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव पूरा हो चुका है ।जिसका परिणाम 24 दिसंबर मंगलवार को आना है। लेकिन इस चुनावी सरगर्मी थमते ही नेता जहां अब अपने कार्यालयों या घरों में बैठकर चुनावी नतीजे आने का इंतजार कर रहे हैं। तो वही नगर के चौक चौराहों में आम लोगों में इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि शहर की अगली सरकार किसकी बनेगी। कोई भाजपा कांग्रेस को इस चुनाव में जीत आने का दावा कर रहे हैं। तो कोई निर्दलीय प्रत्याशी द्वारा पार्टी के समीकरण को बिगड़ने की बात करते नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि वर्तमान में बेमेतरा नगर पालिका परिषद में भाजपा की सरकार है।
प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता काबिज है ।जिससे लोगों में इस चुनाव में सत्ता पक्ष के समर्थन में वोट पड़ने की भी दावे किए जा रहे हैं, लेकिन यह सभी महज दावे हैं। और अब 24 दिसंबर को ही स्पष्ट हो पाएगा की जनता शहर की सत्ता की चाबी किसके हाथों में सौपेगी।