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बीजेपी ने कहा- 8 हजार किसान धान बेचने से हुए वंचित…उधर स्वास्थ्य मंत्री का बयान- सरकार बढ़ी हुई राशि किसानों को जल्द देगी

शिवशंकर साहनी@ अंबिकापुर। प्रदेश में जहा धान पर राजनीति गरमाई हुई है। इधर आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी किसान मोर्चा के सदस्य अनिल सिंह मेजर,प्रदेश किसान मोर्चा के महामंत्री भारत सिंह सिसोदिया,किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष अनिल अग्रवाल सहित पदाधिकारी मौजूद रहे। इन्होंने प्रदेशव्यापी धरने का आह्वान किया था। उसी तर्ज पर आज […]

बीजेपी ने कहा- 8 हजार किसान धान बेचने से हुए वंचित…उधर स्वास्थ्य मंत्री का बयान- सरकार बढ़ी हुई राशि किसानों को जल्द देगी

शिवशंकर साहनी@ अंबिकापुर। प्रदेश में जहा धान पर राजनीति गरमाई हुई है। इधर आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी किसान मोर्चा के सदस्य अनिल सिंह मेजर,प्रदेश किसान मोर्चा के महामंत्री भारत सिंह सिसोदिया,किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष अनिल अग्रवाल सहित पदाधिकारी मौजूद रहे। इन्होंने प्रदेशव्यापी धरने का आह्वान किया था। उसी तर्ज पर आज प्रदेश सरकार को धान खरीदी के मुद्दे को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया। जिसमें इनकी मांग थी कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। इस तरह की धान खरीदी से किसान परेशान है।

वही प्रदेश किसान मोर्चा महामंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसे कढ़ाई का पालन करवा रही है कि लगता किसान अफीम,चरस,गांजा बेच रहे हैं। सरगुजा में अभी 8000 किसानों ने धान नहीं बेचा है। इसलिए हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि किसानों का धान खरीदी करे। इस पूरे मामले में जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि राजनीतिक में विपक्ष का भी दखल रहता है। अगर कोई कमी है तो विपक्ष उसे उजागर करें। पहले बात सामने आई थी कि कुछ किसान वंचित हुए हैं।

इसमें यह नहीं होना होना चाहिए कि सरकार बढ़ी हुई राशि किसानों को दे रही है। बीच में जो बिचौलिएं का काम करते हैं यह राशि उनके लिए नहीं है। उनको अपना पैसा अलग करना चाहिए। पब्लिक के पैसे का ऐसे उपयोग नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने चुटकीले अंदाज में कहा की कौन सा ऐसा काम नहीं है जिसमें कमी नहीं रहती होगी। हम लोग घर की देखभाल करते हैं तो कोई न कोई कोना साफ-सफाई में छूट जाता है। कही ना कहीं हम पोशाक पहने तो दाग छूट जाता है। वैसा ही मानक पहलू नहीं रहता जिसमें कोई ना कमी ना हो। लेकिन कमी की जानकारी हो तो उसे समीक्षा कर पूरा कर लेना चाहिए।