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पूर्व मंत्री राजेश मूणत के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, मतदान से पहले हार किया स्वीकार

रायपुर। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत के प्रेस वार्ता पर तीखा पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मतदान के पहले भाजपा ने नगरी निकाय चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है हार की बौखलाहट में अप्रत्यक्ष प्रणाली से हो रहे चुनाव पर प्रश्न चिन्ह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं […]

रायपुर। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत के प्रेस वार्ता पर तीखा पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मतदान के पहले भाजपा ने नगरी निकाय चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है हार की बौखलाहट में अप्रत्यक्ष प्रणाली से हो रहे चुनाव पर प्रश्न चिन्ह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भाजपा के अविश्वास करने की आदत को दर्शाता है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पूर्व मंत्री राजेश मूणत से सवाल किया जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का चयन अप्रत्यक्ष प्रणाली से होता है तो महापौर और पालिका अध्यक्ष के अप्रत्यक्ष प्रणाली से चयन पर भाजपा को एतराज क्यों है ?भाजपा के नेता नगरी निकाय चुनाव में हार का बहाना जरूर बनाएं लेकिन लोकतंत्र के पवित्रता पर संदेह कर अपने आलोकतांत्रिक व्यवहार को प्रदर्शित ना करें।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने प्रेस वार्ता में बैलट पेपर के छपाई पर जो सवाल उठाये है उससे प्रतीत होता है कि पूर्व मंत्री राजेश मूणत भाजपा नेता नही बल्कि बड़े प्रिंटिंग प्रेस संचालको के एजेंट लग रहे थे। पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने प्रेस वार्ता के माध्यम से छोटे प्रिंटिंग प्रेसओं को दिए गए बैलट पेपर के छपाई पर असुरक्षा की बात उठाकर छोटे प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले मालिकों के कार्यशैली पर संदेह जताकर छोटे प्रिंटिंग प्रेस मालिको का अपमान किया है ? भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत जनता को बताये चाहिए आखिर बैलेट पेपर उनके पास किस माध्यम से आया जिसे वह छुपा रहे क्या भाजपा नगरी निकाय चुनाव में मिलने वाली करारी हार को देखते हुए डुप्लीकेट बैलट पेपर छपाकर चुनाव को प्रभावित करना चाहती हैं? नगरी निकाय चुनाव के पहले भी भाजपा ने कांग्रेस नेताओं के नाम से फर्जी पत्र जारी कर छत्तीसगढ़ के किसानों नौजवानों को गुमराह करने का प्रयास किया था जिसका करारा जवाब छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को दिया 15 साल के शासन के बाद भाजपा आज 14 सीट पर सिमट गई है।